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ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था में फिर लगी सेंध, वृद्ध ने खिड़की से मुख्यमंत्री को दी चिट्ठी

Updated at : 11 Jul 2018 4:07 AM (IST)
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ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था में फिर लगी सेंध, वृद्ध ने खिड़की से मुख्यमंत्री को दी चिट्ठी

जलपाईगुड़ी : सिलीगुड़ी से मंगलवार को चेंगड़ाबांधा जाने के दौरान हुई घटना से एक बार फिर मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग गया है. जलपाईगुड़ी शहर के पास गोशाला मोड़ पर सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर एक व्यक्ति मुख्यमंत्री के काफिले में घुस आया और उनकी गाड़ी की खुली खिड़की तक पहुंच गया. जलपाईगुड़ी […]

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जलपाईगुड़ी : सिलीगुड़ी से मंगलवार को चेंगड़ाबांधा जाने के दौरान हुई घटना से एक बार फिर मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग गया है. जलपाईगुड़ी शहर के पास गोशाला मोड़ पर सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर एक व्यक्ति मुख्यमंत्री के काफिले में घुस आया और उनकी गाड़ी की खुली खिड़की तक पहुंच गया. जलपाईगुड़ी शहर से लगी पहाड़पुर पंचायत के निवासी राजेन राय ने पलक झपकते ही एक पेयजल समस्या से जुड़ा एक मांगपत्र मुख्यमंत्री को सौंप दिया. अचानक घटी इस घटना से मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारी व कर्मी सकते में आ गये.
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री का काफिला मिनी सचिवालय उत्तरकन्या से चेंगड़ाबांधा के लिए रवाना हुआ. खुली खिड़की पर ड्राइवर के बगल की सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठी हुई थीं. इस दौरान जलपाईगुड़ी में गोशाला मोड़ इलाके में सड़क किनारे मुख्यमंत्री को देखने के लिए खड़े लोगों के बीच से एक वृद्ध गाड़ी की ओर दौड़ आया. करीब 300-400 मीटर दौड़कर उसने खुली खिड़की से मुख्यमंत्री को एक चिट्ठी दी. पुलिसकर्मियों ने उसे पूछताछ के लिए पकड़ लिया, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया.
लगभग 60 वर्षीय राजेन राय पेशे से किसान हैं. उनका आरोप है कि इलाके में पेयजल की समस्या का समाधान सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटकर भी नहीं हो पा रहा है. इसलिए मुख्यमंत्री को सामने पाकर उन्होंने उनसे पेयजल की अपील कर दी. साथ ही उन्होंने अगले प्रधानमंत्री के रूप में मुख्यमंत्री को देखने की इच्छा जतायी है. उन्होंने बताया की पहाड़पुर अंचल में पेयजल की समस्या गंभीर है. बड़े लोग पानी खरीदकर पीते है. लेकिन जिनके पास पैसे नहीं हैं, वह क्या करें. पंचायत ने उन्हें कुआं दिया है, लेकिन उसका पानी पीने लायक नहीं है. इस समस्या के समाधान के लिए ही उन्होंने मुख्यमंत्री को चिट्ठी दी है.
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि राजने राय अपने गांव के लोगों के साथ हाथों में तृणमूल का झंडा-पताका लेकर आये थे. पुलिस ने चिट्ठी देने के कारण के बारे में उनसे पूछताछ करने के बाद उन्हें छोड़ दिया. मुख्यमंत्री को जेड प्लस कैटगरी की सुरक्षा मिली है. लेकिन बार-बार उनकी सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए कोई ना कोई मुख्यमंत्री तक पहुंच ही जा रहा है. इससे पहले भी दक्षिण दिनाजपुर जिले के गंगारामपुर में सरकारी मंच पर सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए एक युवती पहुंच गयी थी. हालांकि पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे भी छोड़ दिया था.
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