गजराज को लगा 11 हजार वोल्ट का करंट, फिर जो हुआ उसे देखकर चौंक गये सभी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Jun 2018 2:01 AM (IST)
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अलीपुरद्वार : 11 हजार वोल्ट बिजली के तार की चपेट में आने पर मृतप्राय होने के बावजूद एक विशाल दंतैल हाथी कुछ ही घंटों में जी उठा. बल्कि होश में आने के बाद वह जंगल की ओर चला भी गया. रविवार की देर रात को यह घटना जलदापाड़ा अभयारण्य के सालकुमारहाट के नतूनपाड़ा गांव में […]
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अलीपुरद्वार : 11 हजार वोल्ट बिजली के तार की चपेट में आने पर मृतप्राय होने के बावजूद एक विशाल दंतैल हाथी कुछ ही घंटों में जी उठा. बल्कि होश में आने के बाद वह जंगल की ओर चला भी गया. रविवार की देर रात को यह घटना जलदापाड़ा अभयारण्य के सालकुमारहाट के नतूनपाड़ा गांव में घटी है. स्थानीय लोगों के अनुसार विद्युत स्पर्शाघात के बाद 13 फीट लंबा हाथी गर्जना करते हुए करीब 30 फीट दूर छिटकर गिरा. उसके बाद ही वह बेहोश हो गया.
स्थानीय ग्रामीणों ने समझा कि हाथी की मौत हो गयी है. लेकिन उसके बावजूद उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी. वहीं, तब तक उन्हें पता चल चुका था कि गांव के बीचोंबीच से गुजरने वाले हाई वोल्टेज तार की चपेट में आकर ही हाथी की यह दुर्दशा हुई है. सूचना मिलने के दस मिनट बाद ही भारी बारिश के बीच वनकर्मी नतूनपाड़ा पहुंचे.
उन्होंने भी हाथी को देखकर तत्काल अनुमान किया था कि हाथी की मौत हो गयी है. जब उन्होंने निकट जाकर निरीक्षण किया तो यकायक गजराज के शरीर में हरकत हुई और वह कांपते हुए उठ खड़ा हुआ. उसे खड़ा होते देखकर ही वनकर्मी भी पीछे की ओर मुड़े. उसके बाद ही एक पल भी गंवाये बिना हाथी नतूनपाड़ा संलग्न जलदापाड़ा अभयारण्य के पूर्वी रेंज की ओर शीशामारा नदी पारकर जंगल में अदृश्य हो गया.
वन विभाग के सूत्र के अनुसार सोमवार को सारे दिन जंगल से हाथी की गर्जना रह रहकर सुनी गयी. जलदापाड़ा के डीएफओ कुमार विमल के निर्देश पर जख्मी हाथी पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है.
अभी भी वनाधिकारी सुनिश्चित नहीं हो सके हैं कि हाथी जीवित भी रहेगा कि नहीं. इस घटना के बाद ही वन विभाग की ओर से बिजली विभाग के खिलाफ अलीपुरद्वार थानांतर्गत सोनापुर पुलिस फाड़ी में शिकायत दर्ज करायी गयी है. कारण कि नतूनपाड़ा में 11 हजार वोल्ट तार लगाने के समय ही वन विभाग ने घोर आपत्ति की थी. डीएफओ ने बताया कि जख्मी हाथी पर निगरानी रखी जा रही है. हालांकि उसकी स्थिति को देखते हुए गजराज के निकट जाने की हिम्मत किसी में नहीं हो रही है.
इस बारे में पश्चिमबंग विद्युत वितरण कंपनी के उत्तरबंगाल क्षेत्रीय प्रबंधक दीपंकर साहा ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. वहीं, हाथी विशेषज्ञ पार्वती बरुआ ने बताया कि आमतौर पर हाथी बिजली की चपेट में आने पर जिंदा नहीं बचते हैं. लगता है कि हाथी इतना ताकतवर है कि वह बिजली का इतना बड़ा शॉक झेल गया. हालांकि अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि वह पूरी तरह से सुरक्षित और खतरे से बाहर है. D
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