यह नदी जो निगल रही है किसानों की जमीन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Jun 2018 1:23 AM (IST)
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मयनागुड़ी : अपनी आंखों के सामने खेती योग्य जमीनों समेत घरबार को नदी में समाते देखना लोगों की मजबूरी बन गयी है. नदी प्रतिदिन दिन आहिस्त-आहिस्ते कर खेती की जमीनें निगल रही है. इलाके के किसान बेघर व भूमिहीन होते जा रहे हैं. जलढाका नदी के समीप रामशाई व आमगुड़ी में विस्तृत इलाके के लोग […]
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मयनागुड़ी : अपनी आंखों के सामने खेती योग्य जमीनों समेत घरबार को नदी में समाते देखना लोगों की मजबूरी बन गयी है. नदी प्रतिदिन दिन आहिस्त-आहिस्ते कर खेती की जमीनें निगल रही है. इलाके के किसान बेघर व भूमिहीन होते जा रहे हैं. जलढाका नदी के समीप रामशाई व आमगुड़ी में विस्तृत इलाके के लोग हाहाकार के अलावा कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं.
पिछले तीन सालों से यहां कटाव जारी है. लेकिन अब किसानों की खेतों को भी यह नदी निगलती जा रही है. अब तक सैकड़ों बीघा खेती की जमीन नदी के गर्भ में समा चुकी है. ऊपर वाले हिस्से में राज्य सरकार की ओर से पत्थर का जाली लगाकर बांध बनाया गया है. लेकिन निचले इलाकों में कटाव जारी है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि थोड़े ही दिनों में पूरा इलाका नदी के गर्भ में समा जायेगा.
इन किसानों का एकमात्र सहारा खेती ही है. वे लोग खेती करके ही अपना परिवार का भरण-पोषण करते हैं. लेकिन अब वह भी नदी में समा रहा है. अभी भी बरसात में कुछ दिनों का समय बाकी है. वहीं ब्लॉक प्रशासन का कहना है कि बारिश के कारण काम करना मुश्किल हो रहा है. जल्द ही काम शुरू किया जायेगा.
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