उत्तर बंगाल के चाय बागानों के स्टाफ का वेतन 18 फीसदी बढ़ा

Published at :18 Jun 2018 2:43 AM (IST)
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उत्तर बंगाल के चाय बागानों के स्टाफ का वेतन 18 फीसदी बढ़ा

सिलीगुड़ी : रविवार को उत्तर बंगाल के करीब सभी चाय बागानों को लेकर हुई त्रिपक्षीय बैठक में भी न्यूनतम मजदूरी को लेकर बात नहीं बनने से ज्वाइंट फोरम ने राज्य सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया है. फोरम ने 25 जून के बाद सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की हुंकार फिर से भरी है. […]

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सिलीगुड़ी : रविवार को उत्तर बंगाल के करीब सभी चाय बागानों को लेकर हुई त्रिपक्षीय बैठक में भी न्यूनतम मजदूरी को लेकर बात नहीं बनने से ज्वाइंट फोरम ने राज्य सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया है. फोरम ने 25 जून के बाद सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की हुंकार फिर से भरी है. उसका कहना है कि जिन राज्यों में चाय का उत्पादन होता है, वहां की राज्य सरकारों ने चाय श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी लागू कर दी है. यहां तक कि पड़ोसी राज्य असम ने भी चाय बागान श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी लागू कर दी है. जबकि, पश्चिम बंगाल के चाय श्रमिकों को राज्य सरकार अंतरिम समझौते पर टाले जा रही है.
चाय बागानों के 15 हजार कर्मचारियों को होगा लाभ
रविवार को उत्तर बंगाल के 373 चाय बागान के स्टॉफ व सब स्टॉफ के वेतन में वृद्धि को लेकर श्रमिक संगठन, मालिक पक्ष के साथ राज्य के श्रम मंत्री मलय घटक ने त्रिपक्षीय बैठक की. इस बैठक में न्यूनतम मजदूरी की मांग को टालकर सरकार ने चाय बागानों के स्टॉफ व सब स्टॉफ के वेतन में 18 प्रतिशत की अंतरिम वृद्धि करने की घोषणा की. यह अंतरिम वृद्धि बीते जनवरी माह से मान्य होगी.श्रम मंत्री ने बताया कि उत्तर बंगाल के प्रत्येक चाय बागान में स्टॉफ व सब स्टॉफ मिलकार औसतन 40 से 50 कर्मचारी हैं. पूरे उत्तर बंगाल के सभी चाय बागानों में ऐसे लगभग 15 हजार कर्मचारी हैं. इनके वेतन में 18 प्रतिशत की अंतरिम वृद्धि की गयी है.
इसके लिए सभी बागान प्रबंधनों को निर्देश दे दिया गया है. हालांकि इस घोषणा से चाय बागान श्रमिक संगठन नाखुश हैं. ज्वाइंट फोरम के जियाउल आलम ने बताया कि श्रमिकों की आवाज को दबाने के लिए तृणमूल सरकार ने अंतरिम वृद्धि की एक नयी तरकीब ढूंढ़ निकाली है. लेकिन इसे श्रमिक संगठन कतई मानेंगे नहीं. न्यूनतम मजदूरी की मांग पर फैसला लेने के लिए राज्य सरकार को 25 जून तक की मोहलत दी गयी है. निर्धारित तिथि तक कोई निर्णय नहीं होने के बाद बागान श्रमिक संगठन एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन में उतरेंगे. रविवार को मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में हुई इस बैठक में डंकन्स के बंद चाय बागानों को लेकर भी चर्चा हुई. बैठक में तृणमूल समर्थित मजदूर यूनियन के राज्य अध्यक्ष तथा जलपाईगुड़ी जिला परिषद के सभाधिपति मोहन शर्मा सहित चाय बागान प्रबंधन व श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
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