ग्राम पंचायत में घपले का मामला उजागर

Published at :15 Jun 2018 6:24 AM (IST)
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ग्राम पंचायत में घपले का मामला उजागर

तत्कालीन निर्माण सहायक को रिमांड में लेकर पुलिस कर रही पूछताछ मयनागुड़ी. मयनागुड़ी ग्राम पंचायत में घपले के एक बड़े खुलासे में मयनागुड़ी थाना पुलिस ने जांच शुरु कर दी है. इसको लेकर पुलिस ने बुधवार को तत्कालीन निर्माण सहायक स्वप्ना मंडल को दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरु कर दी है. उल्लेखनीय […]

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तत्कालीन निर्माण सहायक को रिमांड में लेकर पुलिस कर रही पूछताछ
मयनागुड़ी. मयनागुड़ी ग्राम पंचायत में घपले के एक बड़े खुलासे में मयनागुड़ी थाना पुलिस ने जांच शुरु कर दी है. इसको लेकर पुलिस ने बुधवार को तत्कालीन निर्माण सहायक स्वप्ना मंडल को दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरु कर दी है.
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों तक भूमिगत रहने के बाद बीते एक जून को स्वप्ना मंडल ने जलपाईगुड़ी सीजेएम अदालत में समर्पण किया था. उसके बाद की गयी जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आये हैं. जैसे शौचालय निर्माण के लिये ठेकेदार एजेंसी डुवार्स नेचर एंड नेचरल व रिसर्च वेलफेयर एसोसिएशन के नाम से जारी 15 वाउचर ऑफिस की फाइल से नदारद हैं. इन वाउचरों के जरिये संस्था को 15 लाख रुपए आवंटित किये गये थे.
पुलिस की पूछताछ में ग्राम पंचायत के कार्यकारी अधिकारी सुदेव कांति गुप्त भाया ने बताया कि वाउचर ऑफिस फाइल से ही गायब हुए हैं.
उस समय मयनागुड़ी के बीडीओ को इसकी लिखित जानकारी दी गयी थी. ब्लॉक की 16 ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण के लिये दो करोड़ 37 लाख 40 हजार 200 रुपए का भुगतान किया जाना था. सरकारी वेबसाइट के अनुसार सभी 2178 शौचालयों को अपलोड कर निर्मित दिखाया गया है. लेकिन वास्तव में 667 शौचालयों का निर्माण किया ही नहीं गया है. कई लाभार्थियों के नामों का पता भी नहीं चल पाया है.
कई का काम अधूरा रह गया है. जबकि रिकार्ड के अनुसार ठेकेदारों को पंचायत की ओर से 1957 शौचालयों के बाबत भुगतान कर दिया गया है.
उल्लेखनीय है कि तृणमूल संचालित ग्राम पंचायत के खिलाफ काम पूरा किये बिना ही एजेंसियों को रकम का भुगतान करने का आरोप जुलाई 2017 में लगा था. शौचालय के अलावा 49 वर्मी कॉम्पोस्ट प्लांट का निर्माण किये बिना ही ठेकेदारों को भुगतान करने के आरोप लगे हैं.
इसके अलावा स्थानीय बागजान खेकटार बाड़ी इलाके में एक कच्ची सड़क की मरम्मत के लिये साढ़े आठ लाख रुपए का काम किये बिना ही चेक पास कर दिया गया था. लेकिन इसकी भनक लगते ही संबंधित अधिकारी ने चेक का भुगतान रोक दिया है. इसकी शिकायत बीडीओ ऑफिस में जमा किये जाने के बाद ही बीडीओ ने पिछले साल मयनागुड़ी थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी.
मयनागुड़ी की बीडीओ श्रेयसी घोष ने बताया कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज पुलिस प्रशासन को दिया है. वहीं, आरोपी स्वप्ना मंडल ने कोई मंतव्य करने से इंकार किया. इस बारे में मयनागुड़ी ब्लॉक तृणमूल अध्यक्ष मनोज राय ने बताया कि प्रशासन निष्पक्ष रुप से जांच करेगा.
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