सिलीगुड़ी : नगर निगम : माकपा बोर्ड पर लगा एलईडी घोटाले का आरोप

Published at :14 Jun 2018 4:30 AM (IST)
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सिलीगुड़ी : नगर निगम : माकपा बोर्ड पर लगा एलईडी घोटाले का आरोप

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम के विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस ने माकपा बोर्ड पर एलईडी घोटाले का आरोप लगाया है. आरोप है कि एलईडी लाइट खरीदने के नाम पर निगम के माकपा बोर्ड ने करोड़ों का घोटाला किया है. इसके साथ ही तृणमूल ने राज्य सरकार द्वारा आवंटित रुपया खर्च न कर पाने की स्थिति […]

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सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम के विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस ने माकपा बोर्ड पर एलईडी घोटाले का आरोप लगाया है. आरोप है कि एलईडी लाइट खरीदने के नाम पर निगम के माकपा बोर्ड ने करोड़ों का घोटाला किया है.
इसके साथ ही तृणमूल ने राज्य सरकार द्वारा आवंटित रुपया खर्च न कर पाने की स्थिति में वापस लौटाने का आरोप मेयर पर लगाया है. बुधवार को निगम कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर निगम के विरोधी दल नेता रंजन सरकार ने निगम के आय-व्यय की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है.
रंजन सरकार ने कहा शहर के विकास व नागरिक परिसेवा प्रदान करने में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की भूमिका काफी अहम होती है. लेकिन पिछले एक वर्ष में सिलीगुड़ी नगर निगम की पीडब्ल्यूडी ने भी उतना रुपया खर्च नहीं किया है, जितने रुपये की एलईडी लाइट खरीदी गयी है. इस वर्ष निगम ने कुल 22 करोड़ की एलईडी लाइट खरीदी है.
एक एलईडी लाइट की कीमत निगम 25 हजार रुपये से अधिक बता रहा है, जबकि उनके मुताबिक यह एक लाइट 12 हजार से अधिक की नहीं है. इसके अतिरिक्त नामी कंपनी से न खरीदकर किसी छोटी-मोटी कंपनी से लाइट खरीदी गयी है. नामी कंपनियों से खरीदने से तीन वर्षों का मेंटीनेंस कंपनी ही करवाती है.
उन्होंने कहा : मेयर अशोक भट्टाचार्य शुरू से ही राज्य सरकार पर आर्थिक असहोयग की आरोप लगाते आ रहे हैं. लेकिन राज्य सरकार ने निगम को सौ करोड़ रुपया आवंटित किया है. यहां तक कि बकाया बिजली बिल करीब साढ़े दस करोड़ रुपया भी राज्य सरकार ने चुकता किया है.
वरना आज पूरा सिलीगुड़ी अंधकारमय होता. नेशनल अरबन हेल्थ मिशन योजना के खाते में आवंटित रुपए को माकपा बोर्ड खर्च नहीं कर सकी. जिसकी वजह से इस परियोजना का 35 लाख रुपया सरकार को वापस करना पड़ा है. केंद्र सरकार की हाउसिंग फॉर ऑल व ओडीएफ परियोजना में मिले 3.5 करोड़ रुपए में राज्य सरकार का भी आधा हिस्सा है.
जबकि निगम यह रुपया भी खर्च नहीं कर पाया है. माकपा बोर्ड ने तीन वर्ष पूरा कर लिया है लेकिन शहर के विकास से संबंधित किसी भी योजना का डीपीआर आज तक सरकार को नहीं भेजा है. इसके अतिरिक्त आज तक निगम ने कोई आंतरिक ऑडिट भी नहीं किया है.
श्री सरकार ने आगे कहा कि शहर का सीवर सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है. महानंदा नदी के ब्रिज के नीचे इसका पाइप क्षतिग्रस्त हो चुका है.
माकपा सरकार के समय वर्तमान मेयर अशोक भट्टाचार्य एसजेडीए के चेयरमैन थे. उस समय महानंदा एक्शन प्लान में 48 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ था. इस योजना की पहली किस्त का यूसी नहीं भेजे जाने की वजह से अगली किस्त का आवंटन आज तक नहीं हुआ.
इसका कोई जवाब मेयर ने नहीं दिया. मेयर अशोक भट्टाचार्य की इन्ही गलतियों की वजह से एसजेडीए को फिर से फुलेश्वरी-जोरापानी नदी के स्वैरेज सिस्टम का डीपीआर बनाकर राज्य सरकार को भेजना पड़ा है. माकपा बोर्ड के मेयर व उपमेयर दिल्ली, चीन व अमेरिका घूम रहे हैं. और शहरवासी नागरिक परिसेवा को तरस रहे हैं.
आय-व्यय में भी हो रहा घपला
सिलीगुड़ी नगर निगम के अकाउंट्स कमिटी के चेयरमैन तृणमूल के कृष्णचंद्र पाल ने बताया कि निगम के नियमानुसार ही प्रति तीन महीने में अकाउंट्स कमिटी की बैठक होनी चाहिए. लेकिन यह कमिटी बनने के बाद से करीब 3 बार ही बैठक हुआ है.
बैठक के दिन ही फाइनेंस ऑफिसर छुट्टी पर चले जाते हैं, तो कभी कोई और बहाना दिखाकर बैठक में हाजिर नहीं होते हैं. मेयर के निर्देश पर अधिकारी आय-व्यय का सही आंकड़ा आज तक पेश नहीं किया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देश के बाद भी आज तक निगम की माकपा बोर्ड ने ऑडिट नहीं कराया है.
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