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सिलीगुड़ी : ...अब बंगाल सफारी के पशु-पक्षियों को लोग ले सकेंगे गोद, पर्यावरण और वन्यप्राणी प्रेमियों में खुशी का माहौल

Updated at : 10 Jun 2018 7:08 AM (IST)
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सिलीगुड़ी : ...अब बंगाल सफारी के पशु-पक्षियों को लोग ले सकेंगे गोद, पर्यावरण और वन्यप्राणी प्रेमियों में खुशी का माहौल

फ्रेंड्स ऑफ जू और फ्री वॉलेंटियर योजना भी शुरू सिलीगुड़ी : देश के विभिन्न चिड़ियाघरों की तरह अब सिलीगुड़ी के बंगाल सफारी पार्क में जानवरों को गोद देने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. अब वाइल्ड लाइफ की नियमानुसार बंगाल सफारी के पशु- पक्षियों को भी गोद लिया जा सकता है. इस खबर से पशु-पक्षी […]

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फ्रेंड्स ऑफ जू और फ्री वॉलेंटियर योजना भी शुरू
सिलीगुड़ी : देश के विभिन्न चिड़ियाघरों की तरह अब सिलीगुड़ी के बंगाल सफारी पार्क में जानवरों को गोद देने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. अब वाइल्ड लाइफ की नियमानुसार बंगाल सफारी के पशु- पक्षियों को भी गोद लिया जा सकता है.
इस खबर से पशु-पक्षी प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गयी है. दत्तक के साथ बंगाल सफारी पार्क प्रबंधन ने ‘फ्रेंड्स ऑफ जू’ और फ्री वोलेंटियर योजना भी शुरू किया है.
देश के कई चिड़ियाघरों में पशु-पक्षियों को गोद देने की प्रक्रिया है. अब सिलीगुड़ी से सटे सालूगाड़ा स्थित बंगाल सफारी पार्क में भी दत्तक प्रक्रिया शुरू हुयी है. पूरे देश के साथ विदेशों के लोग भी यहां के पशु-पक्षी को गोद ले सकते हैं.
ये पशु-पक्षी गोद लेने वाले व्यक्ति के घर नहीं जायेंगे, बल्कि वे बंगाल सफारी पार्क में ही रहेंगे. गोद लेनेवाले एक वर्ष के लिए यहां के किसी भी पशु-पक्षी का खर्च उठाकर उसे गोद ले सकते हैं. बंगाल सफारी पार्क में रायल बंगाल टाइगर, हाथी, हिरण, गैंडा, मगरमच्छ, मोर व अन्य पशु-पक्षियों को गोद लिया जा सकता है.
पशु या पक्षियों पर होने वाले एक वर्ष का खर्च के अनुसार ही दत्तक की राशी न्यूनतम 25 हजार से दो लाख तक निर्धारित की गयी है. इसके अतिरिक्त बंगाल सफारी पार्क ने फ्रेंड्स ऑप जू योजना भी चालू किया है. इस पार्क के पशु-पक्षियों का मित्र बनने की ख्वाहिश मात्र 5 हजार रुपए के एवज में पूरी की जा सकती है. टैक्स लाभवाली इस योजना के जरिए एक बार 5 हजार रुपए जमा कराने से वे आजीवन बंगाल सफारी पार्क का सदस्य बने रह सकते हैं.
पशु-पक्षी प्रेमियों के लिए फ्री वोलेंटियर योजना की शुरूआत की गयी है. अगर आप पैसे से मदद नहीं दे सकते तो कम से कम एक दिन यहां अपना शारीरिक श्रम देकर भी सहायता कर सकते हैं. यहां के कर्मचारियों के साथ वे भी पशु-पक्षियों को खाना खिलाना, साफ-सफाई करना आदि कार्यों में हाथ बंटाकर अपना योगदान दे सकते हैं.
इस संबंध में बंगाल सफारी पार्क के निदेशक अरुण मुखर्जी ने बताया कि देश के अन्य चिड़ियाघरों की भांति यहां भी दत्तक प्रक्रिया शुरू की गयी है. बल्कि फ्रेंड्स ऑफ जू व फ्री वोलेंटियर योजना भी शुरू की गयी है. बल्कि इन योजनाओं को प्रचार नहीं मिल रहा है. इसके लिए प्रचार अभियान शुरू किया गया है. सभी योजना वन विभाग व वाइल्ड लाइफ के नियमानुसार ही शुरू किया गया है.
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