राज्यपाल को विशेष अधिकार मिलने पर काम होगा प्रभावित
Updated at : 05 Sep 2025 2:16 AM (IST)
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पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी है कि यदि राज्यपाल को किसी विधेयक पर निर्णय लेने का विशेष अधिकार दिया जाता है, तो राज्य का कामकाज खतरे में पड़ जायेगा.
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पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील
संवाददाता, कोलकातापश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी है कि यदि राज्यपाल को किसी विधेयक पर निर्णय लेने का विशेष अधिकार दिया जाता है, तो राज्य का कामकाज खतरे में पड़ जायेगा. सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि भारत के संविधान में राज्यपाल को न तो विधानमंडल और न ही प्रशासन में कोई प्रभावशाली भूमिका दी गयी है.उन्होंने कहा कि राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख जरूर हैं, लेकिन यदि वह अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर विधेयकों को लंबे समय तक रोके रखते हैं, तो यह जनता की इच्छा के खिलाफ होगा. जनता द्वारा चुने गये प्रतिनिधि ही विधानमंडल में विधेयकों के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करते हैं. सिब्बल ने टिप्पणी की कि राज्यपाल को विधेयक रोकने की शक्ति देना संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करता है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है.
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