टीएमसी और बीजेपी का ऑप्शन तलाश रही बंगाल की जनता, सीपीएम नेता सुजन चक्रवर्ती का दावा

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) को उम्मीद है कि उसे जनता का समर्थन मिलेगा. पार्टी के नेता सुजन चक्रवर्ती ने कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोग टीएमसी और बीजेपी से बेहद नाराज हैं. उनके काम से परेशान हैं. इसलिए वे सीपीएम को बेटर ऑप्शन के रूप में देख रहे हैं.
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West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में 15 साल से एक ही पार्टी की सरकार चल रही है. वर्ष 2011 से लगातार 3 बार के इलेक्शन में लेफ्ट फ्रंट (वामदलों) को हर बार हार मिली है. फिर भी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को उम्मीद है कि वर्ष 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर होगा. पार्टी की सेंट्रल कमेटी के मेंबर सुजन चक्रवर्ती का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस और ऑपोजीशन पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से लोग नाराज हैं. वे सीपीएम को बेहतर ऑप्शन के रूप में देख रहे हैं.
लेफ्ट की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही बंगाल की जनता – सीपीएम
सुजन चक्रवर्ती ने कहा है कि हाल ही में उनकी पार्टी ने पूरे राज्य में एक अभियान चलाया था. इससे पता चला कि लोग तृणमूल कांग्रेस के शासन से परेशान हैं. वे भाजपा को भी पसंद नहीं करते. सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि चुनावी मुकाबले को बाईपोलर (द्विध्रुवीय) बनाने की तृणमूल कांग्रेस और भाजपा की कोशिश इस बार कामयाब नहीं होगी. उन्होंने कहा कि लोगों को लगता है कि वाम मोर्चा, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा से बेहतर ऑप्शन (विकल्प) है. यही वजह है कि वामदलों की ओर लोग आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं.
सीपीएम ने निकाली थी 1000 किलोमीटर लंबी बांग्ला बचाओ यात्रा
माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने दावा किया कि पिछले साल नवंबर-दिसंबर में वामदलों ने 1000 किलोमीटर लंबी ‘बांग्ला बचाओ यात्रा’ निकाली थी. माकपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर लोग फिर से अट्रैक्ट हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि बंगाल के कोने-कोने में 20 दिन तक चले बांग्ला बचाओ यात्रा के दौरान लोगों की जो प्रतिक्रिया मिली, उससे पार्टी के वर्कर्स में काफी उत्साह है. पार्टी अब डिस्ट्रिक्ट लेवल पर रैलियां करने लगी है.
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बंगाल चुनाव 2026 में दिखेगा बांग्ला बचाओ यात्रा का असर – सुजन चक्रवर्ती
उन्होंने कहा कि अप्रैल-मई में होने वाले वेस्ट बंगाल असेंबली इलेक्शन में ‘बांग्ला बचाओ यात्रा’ का असर जरूर दिखेगा. जादवपुर लोकसभा के पूर्व सांसद सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी ने भाजपा को बंगाल पांव पसारने की जगह दी है. उन्होंने कहा कि अगर डेवलपमेंट, इम्प्लॉयमेंट, एजुकेशन और हेल्थ सर्विसेज जैसे इम्पॉर्टेंट इश्यूज की जगह मंदिर-मस्जिद की राजनीति ने ले ली, तो बंगाल का सेक्युलर सोशल स्ट्रक्चर खत्म हो जायेगा.
अब माकपा बचाओ यात्रा निकालें सुजन चक्रवर्ती – कुणाल घोष
सुजन चक्रवर्ती के इन आरोपों को तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने गलत बताया है. उन्होंने कहा है कि बंगाल के पॉलिटिकल मैप में सीपीएम की रेलेवेंसी (प्रासंगिकता) खत्म हो चुकी है. सीपीएम को अब बांग्ला बचाओ यात्रा की जगह माकपा बचाओ यात्रा निकालनी चाहिए.
1977-2011 तक शासन करने वाले वामदल 2021 में एक भी सीट नहीं जीत पायी
पश्चिम बंगाल में 1977 से 2011 तक लगातार शासन करने वाले वामदलों का हाल बुरा है. पिछले 15 साल में लेफ्ट की स्थिति खराब हुई है. 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पायी. बंगाल में अब बीजेपी मुख्य विपक्षी पार्टी है.
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By मिथिलेश झा
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