उच्चस्तरीय बैठक में पूर्व मुख्य सचिव की मौजूदगी अवैध : सुकांत
Updated at : 24 Feb 2026 10:59 PM (IST)
विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बुलायी गयी उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के पूर्व मुख्य सचिव मनोज पंत सहित कई लोग अनधिकृत रूप से शामिल हुए थे.
विज्ञापन
कोलकाता.
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बुलायी गयी उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के पूर्व मुख्य सचिव मनोज पंत सहित कई लोग अनधिकृत रूप से शामिल हुए थे. पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने इस मामले की जांच और मनोज पंत की गिरफ्तारी की मांग की. डॉ मजूमदार ने आरोप लगाया कि 21 फरवरी को हुई बैठक के दौरान राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा न्यायपालिका को प्रभावित करने की कोशिश की गयी. सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के साथ बैठक उच्चतम न्यायालय द्वारा विशेष रूप से एसआइआर प्रक्रिया को लागू करने के तौर-तरीकों पर निर्णय लेने के लिए आयोजित की गयी थी, और इसमें केवल नामित अधिकारियों को ही उपस्थित होने की अनुमति दी गयी थी.उन्होंने उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) को, निर्वाचन आयोग के एक अधिकृत वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और महाधिवक्ता तथा अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की उपस्थिति में, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को 21 फरवरी को बैठक करने का निर्देश दिया गया था ताकि एसआइआर पर आगे की रणनीति पर चर्चा की जा सके.
मजूमदार ने कहा कि आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि एसआइआर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बैठक में कौन-कौन उपस्थित होने के लिए अधिकृत था. इसके बावजूद, मुझे जानकारी मिली है कि मनोज पंत उपस्थित थे. वह किस हैसियत से उपस्थित थे? वह अब मुख्य सचिव नहीं हैं. केंद्रीय मंत्री ने बैठक में मनोज पंत की उपस्थिति को ‘पूरी तरह से अवैध’ बताते हुए राज्य सरकार पर उच्चतम न्यायालय के निर्देश का उल्लंघन करने और एसआइआर प्रक्रिया से संबंधित कार्यवाही को प्रभावित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय को कथित उल्लंघन की जांच का आदेश देना चाहिए और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की भागीदारी को आपराधिक कृत्य मानना चाहिए.तृणमूल ने भाजपा के दावे को बताया निराधार
तृणमूल कांग्रेस की नेता और राज्य सरकार में वरिष्ठ मंत्री शशि पांजा ने मजूमदार के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा निराधार दावे करने के लिए जानी जाती है. डॉ पांजा ने कहा कि भाजपा को इस तरह के आरोप लगाने से पहले सबूत पेश करने चाहिए. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता इस तरह की राजनीति को खारिज कर देगी.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




