महिला नेता को प्रताड़ित करने में मामले में राज्य ने पेश की रिपोर्ट

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महिला नेता को प्रताड़ित करने में मामले में राज्य ने पेश की रिपोर्ट

गुरुवार को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत को बताया कि घटना के दिन सुश्रिता सोरेन 14 घंटे और एक मिनट तक पुलिस स्टेशन में थी

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को मेदिनीपुर महिला पुलिस स्टेशन में वाममोरचा नेता सुश्रिता सोरेन को प्रताड़ित करने के संबंध में कलकत्ता उच्च न्यायालय को एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है. उन्होंने गुरुवार को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत को बताया कि घटना के दिन सुश्रिता सोरेन 14 घंटे और एक मिनट तक पुलिस स्टेशन में थी. सुश्रिता सोरेन इस दौरान कुल 86 मिनट तक थाने के उस हिस्से में थी, जो सीसीटीवी पर दिखाई नहीं दे रहा था. राज्य सरकार ने कहा कि उन्होंने शौचालय में 24 मिनट बिताये थे. वह आठ मिनट तक ओसी के कमरे में थीं, जहां उनके साथ एक और नेता भवानी चक्रवर्ती भी मौजूद थी. राज्य सरकार ने कहा कि सीसीटीवी की घड़ी और वास्तविक समय में कुछ अंतर होने को लेकर जो शिकायत की गई है, वह निराधार है. राज्य का कहना है कि अगर ऐसी कोई घटना हुई होती तो थाने में मौजूद उनके नेता ने किसी को इसकी सूचना दी होती. राज्य ने तर्क दिया है कि यदि कोई शिकायत की गयी है तो उसे साबित किया जाना चाहिए, अन्यथा उचित जुर्माना लगाया जायेगा. याचिकाकर्ता के वकील ने सवाल उठाया कि सुश्रिता सोरेन उस क्षेत्र में क्यों थी, जो शौचालय के समय को छोड़कर सीसीटीवी पर दिखाई नहीं देता है, और ओसी के कमरे में सीसीटीवी क्यों नहीं है. अदालत ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी और उसी दिन अंतरिम आदेश जारी किया जायेगा.

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Sandip Tiwari

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