ePaper

मेसी के कार्यक्रम में कुप्रबंधन व अराजकता पर राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

Updated at : 19 Dec 2025 1:17 AM (IST)
विज्ञापन
मेसी के कार्यक्रम में कुप्रबंधन व अराजकता पर राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

सोमवार तक हाइकोर्ट में देना होगा जवाब

विज्ञापन

सोमवार तक हाइकोर्ट में देना होगा जवाब

तीन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने दिया आदेश

कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट ने लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान साॅल्टलेक स्टेडियम में हुई अफरातफरी और तोड़फोड़ पर राज्य सरकार को 22 दिसंबर तक रिपोर्ट जमा करने को कहा है. इस मामले में तीन अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की गयी थीं, जिन पर गुरुवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल और न्यायाधीश पार्थ सारथी सेन की डिविजन बेंच में सुनवाई हुई. सुनवाई शुरू होने के साथ ही राज्य सरकार के वकील ने सुनवाई टालने का अनुरोध किया. डिविजन बेंच ने अनुरोध मानते हुए राज्य सरकार को 22 दिसंबर तक कोर्ट में मामले पर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया. मामले की सुनवाई भी अब 22 दिसंबर को ही होगी. इस मामले में फाइल की गयीं तीन जनहित याचिकाओं में से एक में, पिटीशनर और सीनियर एडवोकेट बिल्लबादल भट्टाचार्य ने कार्यक्रम के टिकटों की बिक्री में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की पूरी जांच की मांग की, जहां अलग-अलग टिकटों की कीमतें अलग-अलग थीं, जो 3,000 रुपये से लेकर 12,000 रुपये तक थीं. सीनियर वकील सब्यसाची चट्टोपाध्याय की फाइल की गयी एक और जनहित याचिका में, इस मामले की भारत के कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) से जांच की मांग की गयी है. सब्यसाची चट्टोपाध्याय की जनहित याचिका में मेसी शो में कुप्रबंधन की जांच के लिए कलकत्ता हाइकोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज की अगुवाई में एक कमेटी बनाने को भी चुनौती दी गयी है. याचिका में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा घोषित जांच कमेटी सिर्फ दिखावा है और इसका मकसद मैनेजमेंट के पीछे के मुख्य दोषियों को बचाना था. साॅल्टलेक स्टेडियम में अफरातफरी के तुरंत बाद मुख्यमंत्री द्वारा घोषित उक्त जांच कमेटी के हेड कलकत्ता हाइकोर्ट के जस्टिस (सेवानिवृत्त) असीम कुमार रे हैं. कमेटी के दूसरे दो सदस्य मुख्य सचिव मनोज पंत और गृह विभाग की अतिरिक्त सचिव नंदिनी चक्रवर्ती हैं. हालांकि, उक्त कमेटी ने कार्यक्रम के दौरान पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाये हैं और कमेटी ने पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसके साथ ही कमेटी की सिफारिश पर चार वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों को लेकर एक विशेष एसआइटी का गठन किया गया है, जो घटना की जांच कर रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANDIP TIWARI

लेखक के बारे में

By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola