बांग्लादेशी घुसपैठियों की अब खैर नहीं, शुभेंदु सरकार ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन, बॉर्डर सील करने की तैयारी

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी.

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Suvendu Adhikari Action Against Bangladeshi Infiltrators: पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ महा-अभियान शुरू किया है. सीमावर्ती जिलों से लेकर कोलकाता तक फर्जी दस्तावेजों की जांच और संदिग्धों की धरपकड़ तेज हो गयी है.

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Suvendu Adhikari Action Against Infiltrators: पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया था कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ेंगे. इसका अभियान शुरू हो गया है. राज्य के गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों (Illegal Bangladeshi Infiltrators) के खिलाफ महा-अभियान शुरू कर दिया है.

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संवेदनशील इलाकों की हो रही मैपिंग

खुफिया विभागों से मिले इनपुट के बाद राज्य के उन संवेदनशील इलाकों की मैपिंग की जा रही है, जहां फर्जी दस्तावेजों (जैसे वोटर कार्ड और आधार कार्ड) के सहारे घुसपैठियों ने शरण ले रखी है. नबान्न (सचिवालय) के सूत्रों के मुताबिक, यह अभियान सिर्फ सीमावर्ती जिलों तक सीमित नहीं रहेगा. कोलकाता सहित राज्य के सभी प्रमुख औद्योगिक और शहरी विंग्स में एक साथ चलेगा, जिसने अवैध रूप से रह रहे सिंडिकेट के भीतर भारी हड़कंप मचा दिया है.

बॉर्डर से लेकर महानगरों तक हाई अलर्ट

गृह विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस महानिदेशक (DGP) और खुफिया विंग के आला अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर इस अभियान का पूरा रोडमैप तैयार किया है. अवैध तरीके से भारतीय पहचान पत्र हासिल करने वाले संदिग्धों को पकड़ने के लिए सीमावर्ती जिलों जैसे उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद और मालदा में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. यह टीम स्थानीय निकायों के साथ मिलकर दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है.

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Suvendu Adhikari Action Against Infiltrators: बॉर्डर पर अभूतपूर्व कड़ाई

भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर राज्य पुलिस ने संयुक्त गश्त बढ़ा दी है. नदीय क्षेत्रों और कंटीले तारों से मुक्त बॉर्डर प्वाइंट्स पर अत्याधुनिक थर्मल इमेजिंग कैमरों और ड्रोन की मदद से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है, ताकि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को शून्य पर लाया जा सके.

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शहरी सिंडिकेट और फर्जी पहचान पत्रों के नेटवर्क पर चोट

इस बार जांच का दायरा केवल अंतरराष्ट्रीय सीमा तक सीमित नहीं है. कोलकाता, हावड़ा और हुगली के औद्योगिक बेल्ट, जूट मिलों और बड़े कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों के पहचान पत्रों की भी रैंडम चेकिंग शुरू की गयी है. पुलिस को अंदेसा है कि कई संदिग्ध घुसपैठिये इन जगहों पर अपनी पहचान छिपाकर रह रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़

पुलिस ने उत्तर 24 परगना जिले के सीमावर्ती इलाकों से 2 ऐसे मास्टरमाइंड को दबोचा है, जो महज कुछ हजार रुपए में सीमा पार कराने और फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराने का रैकेट चला रहे थे. इनके पास से कई फर्जी सील और खाली दस्तावेज बरामद हुए हैं.

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