संवाददाता, कोलकाता सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने मुर्शिदाबाद में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव में संदिग्ध ड्रोन बरामद किया है. ड्रोन सीमावर्ती इलाके में किसने उड़ाया, उसका क्या मकसद था, यह जांच का विषय है. बीएसएफ ने इस ड्रोन को शमशेरगंज थाने के हवाले कर दिया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. उधर, बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर ने रविवार को जनता से पूर्वी सीमा पर अफवाहें न फैलाने का आग्रह किया और मुर्शिदाबाद में मिले ड्रोन को एक हानिरहित फोटोग्राफी उपकरण बताया, जिसमें कोई पेलोड क्षमता नहीं है. इस ड्रोन को लेकर एक बयान में बीएसएफ ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक गैर-घातक, वाणिज्यिक उपकरण था जिसमें कोई पेलोड क्षमता नहीं थी और इसका इस्तेमाल आमतौर पर कार्यक्रमों के दौरान फोटोग्राफी के लिए किया जाता था. बीएसएफ ने स्पष्ट किया कि ऐसे ड्रोन ‘हमारे छायाकारों द्वारा किसी समारोह या कार्यक्रम को कवर करने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं. इनकी भार वहन करने की क्षमता नहीं होती है. बीएसएफ के अनुसार, ड्रोन ‘भारतीय क्षेत्र में काफी अंदर से बरामद किया गया है, जिसकी रेंज केवल 400-500 मीटर है, उड़ान का समय 15-20 मिनट है जो इस्तेमाल की जा रही बैटरी पर निर्भर करता है, इसमें 4के कैमरा है और कोई भार वहन करने की क्षमता नहीं है. इसलिए इसे उस तरह से नहीं देखा जाना चाहिए जैसा कि हम इन दिनों सुन रहे हैं. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शनिवार की रात को सीमा से सटे शमशेरगंज थाना क्षेत्र के नीमतीता ग्राम पंचायत के दुर्गापुर-बड़ोजदीही गांव स्थित खेत में एक संदिग्ध ड्रोन को स्थानीय युवकों ने पड़ा देखा. सूचना मिलते ही बीएसएफ के अधिकारी मौके पर पहुंचे व उसकी जांच की गयी. इसके बाद ड्रोन को शमशेरगंज थाने की पुलिस को सौंप दिया गया. मामले में स्थानीय एक युवक से पूछताछ की गयी है. दुर्गापुर-बड़ोजदीही गांव सीमा से सटा है. इस गांव में मौजूद नदी के उस पार बांग्लादेश का चपाइनबाबगंज जिले का शिवगंज इलाका है. जहां से ड्रोन मिला है, वह बीएसएफ कैंप के पास है.
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