राशन डीलरों को राज्य का फरमान, आवंटित अनाज का स्टॉक नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 03 Nov 2024 1:06 AM

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मूलतः राशन सामग्री की तस्करी रोकने के लिए खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से यह कदम उठाये गये हैं.

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कोलकाता. राशन डीलरों द्वारा अवैध रूप से अनाज खुले बाजार में बेचने के आरोप अक्सर सामने आते हैं. अब राज्य के खाद्य व आपूर्ति विभाग ने इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाये हैं.

अब से राशन दुकानों में सरकार द्वारा आवंटित चावल और गेहूं का हिसाब पूरा नहीं होने पर खाद्य व आपूर्ति विभाग द्वारा डीलरों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. ऐसे में अनियमितता पाये जाने पर जुर्माने के साथ-साथ डीलरों का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है. इसे लेकर राज्य के खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं. कहा गया है कि हिसाब नहीं मिलने पर राशन दुकान के लिए आवंटित चावल और गेहूं की मात्रा से तीन गुना तक जुर्माना देना होगा. मूलतः राशन सामग्री की तस्करी रोकने के लिए खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से यह कदम उठाये गये हैं. वहीं, खाद्य विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब राशन दुकानों से अनाज लेने पर उपभोक्ताओं को एक पर्ची दी जायेगी. इस नियम को एक नवंबर से लागू कर दिया गया है. इस पर्ची के माध्यम से उपभोक्ताओं को यह बताया जायेगा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत केंद्र कितना पैसा दे रहा है. हालांकि शुरुआत में राज्य सरकार इस नियम को लाने के पक्ष में नहीं थी. राज्य के मुताबिक, उस स्थिति में राज्य सरकार को भी कुछ खर्च उठाना पड़ता है, तो सिर्फ केंद्र की लागत का जिक्र क्यों हो. हालांकि, राज्य सरकार ने इस व्यवस्था को यहां लागू कर दिया है.

खाद्य विभाग के इंस्पेक्टर निरीक्षण कर मिलायेंगे स्टॉक

आरोप है कि कई राशन डीलर सरकार द्वारा सब्सिडी पर मिल रहे चावल, गेहूं, आटा खुले बाजार में बेच रहे हैं. इसे रोकने के लिए अब से डीलर द्वारा स्टॉक किये गये चावल, गेहूं व आटे की मात्रा की नियमित जांच की जायेगी. वैसे, वर्तमान में राशन की दुकान से कितना चावल और गेहूं वितरित किया जा रहा है, यह ईपीओएस मशीन से पता चल जायेगा. उस मशीन की जांच से यह पता लगाना आसान हो जायेगा कि डीलर के पास कितनी राशन सामग्री पड़ी है. यदि जांच में अनाज का हिसाब नहीं मिला, तो संबंधित डीलर पर जुर्माना लगाया जायेगा. यहां तक कि लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है. विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, राशन घोटाले को रोकने के लिए खाद्य विभाग के इंस्पेक्टर अब औचक निरीक्षण कर राशन दुकानों में स्टॉक की जांच करेंगे.

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