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ममता बनर्जी के मंत्री तजमुल हुसैन को चुनाव आयोग का नोटिस, एसआईआर सुनवाई के लिए 29 को बुलाया

20 Jan, 2026 6:39 am
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ममता बनर्जी के मंत्री तजमुल हुसैन को चुनाव आयोग का नोटिस, एसआईआर सुनवाई के लिए 29 को बुलाया
पश्चिम बंगाल के मंत्री तजमुल हुसैन.

SIR Hearing Notice: वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण के लिए एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर बंगाल में बवाल के बीच ममता बनर्जी सरकार के एक मंत्री को चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है. मंत्री का नाम तजमुल हुसैन है. हुसैन के बारे में चुनाव आयोग ने कहा है कि वह यादव समुदाय से आते हैं और वह उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. नोटिस मिलने से नाराज मंत्री ने अपने रियैक्शन में कहा कि बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए एसआईआर हो रहा है.

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SIR Hearing Notice: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कैबिनेट के मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तजमुल हुसैन को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सुनवाई के लिए चुनाव आयोग ने तलब किया है. निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि 3 बार के विधायक तजमुल हुसैन को नोटिस जारी किया गया है, क्योंकि 2002 की मतदाता सूची में दर्ज उनके और उनके पिता के नाम में अंतर पाया गया है.

तजमुल हुसैन को 29 जनवरी को 10:30 बजे बुलाया गया

निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा कपड़ा राज्य मंत्री तजमुल हुसैन से कहा गया है कि वे 29 जनवरी को दिन में 10:30 बजे सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स के साथ हियरिंग के लिए पेश हों.

3 बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं तृणमूल कांग्रेस के नेता

चुनाव आयोग के नोटिस पर ममता बनर्जी सरकार के मंत्री ने कहा कि यह वही निर्वाचन आयोग है, जिसने उन्हें 3 बार विधानसभा चुनावों का विजेता घोषित किया है. अब वह यह सत्यापित करने की कोशिश कर रहा है कि क्या वह एक जेनविन वोटर हैं.

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बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए एसआईआर – मंत्री

तजमुल हुसैन वर्ष 2006 से वर्ष 2016 के बीच विधायक रहे. वर्ष 2021 में वह तीसरी बार विधायक चुने गये. इसके बाद उन्हें ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया. मंत्री ने आरोप लगाया कि लगभग 3 महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले एसआईआर का उद्देश्य बंगाल चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लाभ पहुंचाना है.

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यादव समुदाय से हैं तजमुल हुसैन, यूपी में रहता है परिवार

निर्वाचन आयोग के अधिकारी से जब नोटिस के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि तजमुल हुसैन के पिता दीदार हुसैन यादव समुदाय से आते हैं. उन्होंने धर्मांतरण कर इस्लाम अपना लिया. हुसैन परिवार का पुश्तैनी घर उत्तर प्रदेश में है, जहां अभी भी उनके परिवार के लोग रहते हैं.

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नौशाद सिद्दीकी को भी आयोग ने 27 जनवरी को किया तलब

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के विधायक नौशाद सिद्दीकी को भी 27 जनवरी को जंगीपाड़ा ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस में एसआईआर हियरिंग के लिए तलब किया गया है. सिद्दीकी पश्चिम बंगाल विधानसभा में इकलौते विधायक हैं, जो न रूलिंग पार्टी से हैं, न ऑपोजीशन से.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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