सीबीआइ ने डीवाइएफआइ नेता मीनाक्षी मुखर्जी से की पूछताछ

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 Sep 2024 11:20 PM

विज्ञापन

आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या के मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) के अधिकारियों ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की युवा इकाई डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाइएफआइ) की राज्य समिति की सचिव मीनाक्षी मुखर्जी को तलब किया था. वह गुरुवार सुबह करीब 11 बजे साॅल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सीबीआइ कार्यालय पहुंचीं. उनके साथ एक अधिवक्ता भी थे.

विज्ञापन

कोलकाता.

आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या के मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) के अधिकारियों ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की युवा इकाई डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाइएफआइ) की राज्य समिति की सचिव मीनाक्षी मुखर्जी को तलब किया था. वह गुरुवार सुबह करीब 11 बजे साॅल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सीबीआइ कार्यालय पहुंचीं. उनके साथ एक अधिवक्ता भी थे.

बताया जा रहा है कि महिला चिकित्सक का शव अस्पताल के सेमिनार हॉल से बरामद होने के कुछ घंटे बाद मीनाक्षी मुखर्जी ने नौ अगस्त को पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात की थी. यह भी आरोप लगे हैं कि मृतका का पोस्टमार्टम होने के बाद जल्दबाजी में उसकी अंत्येष्टि कर दी गयी. उसी रात मीनाक्षी और वामपंथी समर्थकों को आरजी कर अस्पताल से पीड़िता का शव ले जा रहे पुलिस के शव वाहन का रास्ता रोकते हुए देखा गया था. माकपा कई बार यह दावा कर चुकी है कि वामपंथी युवा नेता के प्रयासों के चलते ही चिकित्सक के शव के शीघ्र अंतिम संस्कार का विरोध किया गया. सीबीआइ के अधिकारी उस दिन हुई गतिविधियों के बारे सारे तथ्यों का पता लगाना चाहते हैं. इसके अलावा गत 14 अगस्त की रात को ‘रात दखल’ के दौरान भी आरजी कर अस्पताल परिसर में मीनाक्षी मुखर्जी व वामपंथी समर्थक पहुंचे थे. उसी रात को उपद्रवियों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की थी, जिसमें पुलिसकर्मियों पर भी हमला हुआ था. आशंका जतायी जा रही है कि मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट करने के इरादे से अस्पताल में तोड़फोड़ की गयी. हालांकि, यह जांच का हिस्सा है.

सीबीआइ कार्यालय में हाजिर होने के दौरान पत्रकारों से मुखातिब हुईं मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा : उस दिन वाहन रोक कर वे पीड़िता के परिवार के साथ बात करना चाहते थे. आरजी कर अस्पताल में हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर वीडियो फुटेज है. मेरा यह कहना है कि घटना को लेकर जारी आंदोलन के रुख को मोड़ा नहीं जा सकता है. मैं हर तरह से सीबीआइ अधिकारियों के साथ सहयोग करूंगी. बताया जा रहा है कि इस दिन सीबीआइ ने उनका बयान भी दर्ज किया है.

सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंचे कुणाल, कहा : निजी काम से आया था

आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में एक जूनियर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या मामले के अलावा अस्पताल में वित्तीय अनियमितता की जांच भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) कर रहा है. इधर, प्रवर्तन निदेशालय (इडी) भी वित्तीय अनियमितता की तफ्तीश में जुटा है. इसी बीच, गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव कुणाल घोष सॉल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचे. उनसे जब पत्रकारों ने पूछा कि वह सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सीबीआइ कार्यालय क्यों आये थे, तब श्री घोष ने कहा कि वह निजी काम से यहां आये थे. उन्होंने कहा : मेरा कुछ निजी काम था, जिसके लिए मैं सीजीओ कॉम्प्लेक्स आया था. इसके साथ ही आरजी कर मामले पर जूनियर डॉक्टरों द्वारा जारी हड़ताल को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की. तृणमूल नेता ने कहा : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जूनियर चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की थी. राज्य सरकार ने उनकी कई मांगें मान ली हैं. उनकी मुख्य मांग न्याय है और इसके लिए मुख्यमंत्री और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और हमारी पूरी पार्टी, पूरी सरकार उनके साथ है. उन्हें (जूनियर चिकित्सकों) को काम पर वापस लौटना चाहिए. आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola