नौकरी बहाली के लिए गैर-शिक्षण कर्मियों का प्रदर्शन

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नौकरी बहाली के लिए गैर-शिक्षण कर्मियों का प्रदर्शन

स्कूलों के गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने नौकरी बहाली की मांग को लेकर मंगलवार को राज्य सचिवालय नबान्न का घेराव करने के लिए जुलूस निकाला. हालांकि, पुलिस ने उनकी रैली को नबान्न से तीन किलोमीटर पहले ही रोक दिया.

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हावड़ा

. स्कूलों के गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने नौकरी बहाली की मांग को लेकर मंगलवार को राज्य सचिवालय नबान्न का घेराव करने के लिए जुलूस निकाला. हालांकि, पुलिस ने उनकी रैली को नबान्न से तीन किलोमीटर पहले ही रोक दिया. इससे पहले, बारिश और जल जमाव के बावजूद सैकड़ों की संख्या में एकजुट हुए प्रदर्शनकारी रैली निकाल कर नबान्न के लिए रवाना हुए. हावड़ा मैदान के पास सभी जुटे, वहां से रैली निकली गयी. लेकिन पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच बंकिम सेतु के पास पुलिस ने रैली को आगे जाने से रोक दिया और मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से मिलने की उनकी मांग ठुकरा दी गयी.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में राज्य स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) की ओर से कीं नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार के बाद इन गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति इस साल अप्रैल में रद्द कर दी थी.

प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि एसएससी ने उन्हें दागी नहीं बताया. इसके बावजूद अदालत के आदेश के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई हुई. गैर-शिक्षण कर्मचारी अधिकार मंच के प्रवक्ता विक्रम पोली ने कहा : हमने तीन जुलाई को सरकार को एक प्रश्नावली सौंपी थी, जिसके कारण हमारी नौकरी चली गयी. हम अपनी दुर्दशा के लिए सरकार को जिम्मेदार मानते हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस ने आगे जाने से रोक दिया. पुलिस हमें बता रही है कि सरकार का एक प्रतिनिधि नबान्न में हमलोगों से मिलेगा, लेकिन मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव वहां नहीं होंगे. हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे. प्रदर्शनकारियों ने 3,394 गैर-शिक्षण कर्मचारियों की तत्काल बहाली की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पिछले चार महीने से बेरोजगार हैं. वे पिछले चार महीने से वेतन के बिना गुजर कर रहे हैं, क्योंकि सरकार न केवल नियुक्तियों के मामले में भ्रष्टाचार में लिप्त रही, बल्कि उन लोगों की पहचान करने में भी नाकाम रही, जो इस घोटाले का हिस्सा नहीं थे और निष्पक्ष रूप से नियुक्ति हासिल की थी.

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2016 की संपूर्ण एसएलएसटी नियुक्ति सूची को रद्द कर दिया था और कक्षा नौ से 12 के शिक्षकों के साथ-साथ ग्रुप सी और ग्रुप डी के कर्मचारियों की 25,753 नियुक्तियों को भी अमान्य करार दिया था.

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Bijay Kumar

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