मंत्री सुजीत बोस व उनके करीबी के सात ठिकानों पर ईडी का तलाशी अभियान

Updated:
विज्ञापन
मंत्री सुजीत बोस व उनके करीबी के सात ठिकानों पर ईडी का तलाशी अभियान

राज्यभर में विभिन्न नगरपालिकाओं में अवैध तरीके से हुई नियुक्ति की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) फिर सक्रिय हो गया है.

विज्ञापन

नगरपालिकाओं में अवैध नियुक्ति के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की छापेमारी

कई जगहों से दस्तावेज भी किये गये जब्त

संवाददाता, कोलकाताराज्यभर में विभिन्न नगरपालिकाओं में अवैध तरीके से हुई नियुक्ति की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) फिर सक्रिय हो गया है. शुक्रवार को इन अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोस के आवास व दफ्तर समेत कोलकाता में सात जगहों पर तलाशी अभियान चलाया गया. ईडी सूत्रों के अनुसार सॉल्टलेक में मंत्री सुजीत बोस के आवास समेत उनके कार्यालय व उनके बेहद करीबी और दक्षिण दमदम नगरपालिका के उपाध्यक्ष निताई दत्ता के घर व गोदाम पर छापेमारी की गयी. ईडी का कहना है कि शुक्रवार की छापेमारी का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजों को इकट्ठा करना था. जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा : हमें कुछ कागजात मिले हैं, उनकी जांच की जा रही है.

एक रेस्टोरेंट में भी तलाशी कर्मचारियों व मैनेजर से पूछताछ

ईडी की एक टीम ने मंत्री के बेटे के रेस्टोरेंट में भी तलाशी ली. ईडी के अधिकारी सुबह 7.30 बजे उक्त रेस्टोरेंट की तलाशी के लिए पहुंचे. जांच के दौरान रेस्टोरेंट के सभी कर्मचारियों को अपना मोबाइल फोन बंद करने को कहा गया. रेस्टोरेंट के एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि 15 से 20 लोगों की टीम सुबह से ही तलाशी अभियान चलायी. कई लोगों से बात भी की. वे कई दस्तावेज भी देख रहे थे. रेस्टोरेंट के जीएम से भी बात की.

क्या कहना है ईडी का

ईडी के अधिकारी ने कहा : छापेमारी का उद्देश्य भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े दस्तावेज एकत्र करना था. मंत्री का कार्यालय मूल रूप से हमारी सूची में नहीं था. हमारी जांच में एक रेस्टोरेंट का नाम भी सामने आया. हमने मालिक से बात की और बैंक खातों की जांच कर रहे हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि कोई संदिग्ध लेन-देन हुआ था या नहीं.

चुनाव आते ही उनका आना भी शुरू हो जाता है : मंत्री

इस मामले में दमकल मंत्री सुजीत बोस ने केंद्रीय जांच एजेंसियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी चुनाव का समय आता है, वे जांच के नाम पर यहां आने लगते हैं. मंत्री ने कहा : शुक्रवार सुबह वे मेरे दफ्तर में गये, रेस्टोरेंट में गये, वे निताई के घर भी गये. उन्हें अपना काम करने दीजिये, हम अपना काम करेंगे. उन्होंने कई बार भ्रष्टाचार की बात कही है. लेकिन अब तक कुछ भी साबित नहीं हो सका है. मंत्री ने कहा : ये कार्रवाई विपक्षी दलों के नेताओं के लिए होती है. यह कोई नयी बात नहीं है. उन्होंने पहले भी मेरी संपत्तियों पर छापे मारे हैं, पर मेरे खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है. यह चुनाव से पहले दबाव बनाने की एक रणनीति है. मंत्री ने दावा किया कि उनकी ईमानदारी का प्रमाण पत्र अंततः जनता द्वारा दिया जायेगा, किसी एजेंसी द्वारा नहीं. मंत्री सुजीत बोस ने कहा: वे भ्रष्टाचार की बात तो करते हैं, लेकिन जरूरी सबूत पेश नहीं करते. जनता सब जानती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Akhilesh Kumar Singh

लेखक के बारे में

By Akhilesh Kumar Singh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola