राशन घोटाला मामले में ज्योतिप्रिय के खिलाफ फिर शिकंजा कसने की तैयारी

Updated:
विज्ञापन
राशन घोटाला मामले में ज्योतिप्रिय के खिलाफ फिर शिकंजा कसने की तैयारी

प्रवर्तन निदेशालय (इडी) राशन वितरण में हुए भ्रष्टाचार मामले में राज्य के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के खिलाफ शिकंजा कसने में जुट गयी है.

विज्ञापन

पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय की लिखावट को जांच के लिए भेजा गया फोरेंसिक लैब

संवाददाता, कोलकाता.

प्रवर्तन निदेशालय (इडी) राशन वितरण में हुए भ्रष्टाचार मामले में राज्य के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के खिलाफ शिकंजा कसने में जुट गयी है. इडी अधिकारी एसएसकेएम से बरामद पत्र की लिखावट से पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक उर्फ बालू की लिखावट का मिलान करना चाहते हैं.

केंद्रीय जांच एजेंसी सूत्रों के अनुसार, अदालत का निर्देश मिलने के बाद पूर्व मंत्री की लिखावट का नमूना एकत्र करने की प्रक्रिया तेज हो गयी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गत वर्ष बरामद पत्र बालू ने लिखा था या नहीं. इडी सूत्रों का कहना है कि ज्योतिप्रिय मल्लिक के हस्तलेख के नमूने को एकत्र कर सोमवार को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया. पिछले महीने ही अदालत ने राशन घोटाले में आरोपी ज्योतिप्रिय मल्लिक के हाथों की लिखावट के नमूने एकत्र करने की अनुमति दे दी थी. इडी सूत्रों का दावा है कि ज्योतिप्रिय ने दिसंबर 2023 में अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान अपनी बेटी को एक पत्र लिखा था. वह पत्र सुरक्षा गार्ड के जरिए इडी तक पहुंचा. इडी का दावा है कि बालू ने अपनी बेटी प्रियदर्शिनी मल्लिक को एक पत्र में पैसों के लेन-देन के बारे में कुछ बातें बतायीं थीं. पता चला है कि पत्र में बनगांव के पूर्व मेयर शंकर आद्या के नाम का भी जिक्र था, जिसे इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था. इसी खुलासे के बाद जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी पहले बालू की लिखावट की जांच करना चाहती थी ताकि उसका मिलान उस पत्र से किया जा सके.

इधर, इडी का दावा है कि पत्र बरामद होने के बाद ही ज्योतिप्रिय से पूछताछ की गयी थी. उस समय उन्होंने अपनी बेटी को पत्र लिखने की बात स्वीकार की थी, लेकिन बाद में उन्होंने इससे इनकार कर दिया. इसीलिए इडी इसकी पुष्टि के लिए लिखावट की जांच करने पर विचार कर रहा है. जांच एजेंसी का दावा है कि ज्योतिप्रिय द्वारा लिखे गयो पत्र में कई प्रभावशाली लोगों के नाम के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी हैं. उनका कहना है कि पत्र में ज्योतिप्रिय ने यह भी सुझाव दिया था कि राशन वितरण भ्रष्टाचार से अर्जित काले धन को कैसे और कहां से एकत्र किया जाये. इडी अधिकारियों ने अदालत में यह भी दावा किया कि उस पत्र के आधार पर जांच काफी आगे बढ़ चुकी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Akhilesh Kumar Singh

लेखक के बारे में

By Akhilesh Kumar Singh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola