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राज्य में पीपीपी मॉडल के तहत लगेंगे बिजली संयंत्र

Updated at : 01 Oct 2024 1:30 AM (IST)
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राज्य में पीपीपी मॉडल के तहत लगेंगे बिजली संयंत्र

राज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने सोमवार को राज्य सचिवालय नबान्न भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में पहली बार पीपीपी मॉडल पर यहां ताप विद्युत केंद्र स्थापित करने की योजना बनायी है,

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फैसला. 1600 मेगावाट क्षमतावाले ताप विद्युत केंद्र की होगी स्थापनासंवाददाता, कोलकाताराज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने सोमवार को राज्य सचिवालय नबान्न भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में पहली बार पीपीपी मॉडल पर यहां ताप विद्युत केंद्र स्थापित करने की योजना बनायी है, जिसे सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सैद्धांतिक मंजूरी मिल गयी है.

श्री विश्वास ने कहा कि राज्य में पीपीपी मॉडल के तहत 1600 मेगावाट क्षमता वाले नये संयंत्र की स्थापना की जायेगी, जिसके लिए जल्द ही वैश्विक निविदा आमंत्रित की जायेगी. उन्होंने बताया कि इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में और चार नये बिजली उत्पादन यूनिट स्थापित करने की योजना बनायी है, जिस पर डीपीआर बनाने का काम फिलहाल चल रहा है. डीपीआर बनने के बाद औपचारिक रूप से इसकी घोषणा की जायेगी. उन्होंने बताया कि राज्य में फिलहाल छह बिजली उत्पादन केंद्र हैं, जो सागरदीघि, संथालडीह, बक्रेश्वर, बंडेल, कोलाघाट व दुर्गापुर में स्थित हैं.

सागरदीघि सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट का निर्माण कार्य मार्च 2025 तक होगा पूरा :

बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने आगे बताया कि राज्य सरकार की ओर से सागरदीघि में सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट की स्थापना की जा रही है, जिसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. उन्होंने बताया कि इस प्लांट का लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और बाकी काम भी मार्च 2025 तक पूरा हो जायेगा. बिजली मंत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा वित्त पोषित यह प्लांट, पूर्वी भारत का पहला सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट होगा.

श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड के लीज होल्ड की जमीन को फ्री होल्ड की मंजूरी

इस मौके पर राज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने आगे बताया कि सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पश्चिम बर्दवान के जामुड़िया में श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड के 32.43 एकड़ जमीन लांग टर्म सेटलमेंट के अंतर्गत थी, जबकि करीब 40.17 एकड़ जमीन लीज होल्ड पर थी, जिसे फ्री होल्ड कर दिया गया है. अर्थात लगभग 72.60 एकड़ जमीन का स्वामित्व अब कंपनी को सौंपने की मंजूरी राज्य सरकार की ओर से दी गयी है. उन्हाेंने बताया कि अब कंपनी द्वारा उक्त जमीन पर पावर प्लांट व इस्पात कारखाना लगाया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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