संवाददाता, कोलकाता
विकास भवन के सामने गुरुवार की रात प्रदर्शनकारी शिक्षकों पर लाठीचार्ज को लेकर पुलिस ने अपना पक्ष रखा है. अपना पक्ष रखने के लिए एडीजी (दक्षिण बंगाल) सुप्रतीम सरकार ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उनके साथ एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) जावेद शमीम भी मौजूद थे. इस दौरान कहा गया है कि पुलिस ने काफी धैर्य दिखाया है. एडीजी दक्षिण बंगाल सुप्रतीम सरकार ने कहा- पुलिस शुरू से ही धैर्य का परिचय दे रही थी. उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने लाठीचार्ज क्यों किया. उनके शब्दों में 10 दिनों से बेरोजगार प्रदर्शनकारी विकास भवन के सामने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस और प्रशासन ने हर बार सहयोग किया. गुरुवार को स्थिति बदल गयी. बेरोजगार लोगों के एक समूह ने बैरिकेड्स तोड़कर विकास भवन परिसर में घुसने की कोशिश की. जबरन भीतर प्रवेश का प्रयास किया गया. पुलिस के साथ भी हाथापाई हुई, फिर भी धैर्य बनाये रखा.
जैसे-जैसे दोपहर होती गयी, स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण से बाहर होती गयी. रात में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. शुक्रवार को पुलिस ने घोषणा की कि उन्हें लाठीचार्ज करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
सुप्रतीम सरकार ने कहा- पुलिस शुरू से ही संयमित थी. सात घंटे तक पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से कुछ नहीं कहा. सभी को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार है. हालांकि, यदि कानून और व्यवस्था बाधित होती है, तो पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ती है. श्री सरकार ने कहा कि पुलिस पर हमला करने के लिए जिन लोगों ने उकसाया है, उन्हें चिन्हित किया गया है, उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज किया गया है.
सुप्रतीम ने यह भी बताया कि पुलिस ने लाठीचार्ज क्यों किया. उनके शब्दों में, शाम होने के बाद भी विकास भवन के कर्मचारियों को बाहर नहीं जाने दिया गया, उनमें से कई बीमार पड़ने लगे. उनमें एक गर्भवती महिला कर्मचारी थी. प्रदर्शनकारियों को बार-बार घर जाने के लिए कहा गया. पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों से कई बार यह अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने पुलिस की बात एक बार भी नहीं सुनी.
पुलिस का दावा है कि बल का प्रयोग केवल विकास भवन के कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए किया गया था. प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने पुलिस पर भी हमला किया. पुलिस ने यहां तक दावा किया कि लाठीचार्ज प्रोटोकॉल के तहत किया गया था. प्रदर्शनकारियों की तरफ से सबसे पहले सीमा तोड़ी गयी, इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. तब जाकर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया.
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