बीएलआरओ में दलालराज खत्म करने के लिए राज्य सरकार की विशेष पहल कोलकाता. भूमि व भूमि सुधार विभाग के अधीनस्थ बीएलआरओ में दलालराज रोकने के लिए राज्य सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है. अब से जमीन और मकान के दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां अर्थात सर्टिफाइड कॉपी व्यक्तिगत रूप से किसी के हाथों में नहीं सौंपी जायेंगी. यह महत्वपूर्ण दस्तावेज़ अब केवल ऑनलाइन ही उपलब्ध कराया जायेगा. गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से इस बारे में विभिन्न स्तरों पर शिकायतें उठ रही हैं. जमीन और मकान के प्रमाणित दस्तावेज हासिल करने के लिए दलालों द्वारा गिरोह चलाने के आरोपों के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. आरोप है कि दलाल प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए दो से पांच हजार रुपये तक वसूलते थे. इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि भूमि एवं मकान मालिकों को यह प्रमाणित प्रतिलिपि राज्य द्वारा शुरू की गयी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से प्राप्त होगी. अब से 1985 तक के सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां ऑनलाइन उपलब्ध होंगी. गौरतलब रहे कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बीएलआरओ कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारियों के कामकाज की पद्धति पर सवाल उठाया था. आरोप है कि रजिस्ट्री कार्यालय में दलाल गिरोह की जड़ें दूर-दूर तक फैली हुई हैं. कई लोगों का दावा है कि इस गिरोह में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों का एक वर्ग भी शामिल है. इसलिए राज्य सरकार ने दलाल राज को खत्म करने के लिए यह पहल शुरू करने जा रही है.
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