शीर्ष अदालत के फैसले की अवमानना के खिलाफ भेजा नोटिस

उनका कहना है कि जब अदालत ने नौकरी रद्द कर दी है तो फिर कैसे वे लोग स्कूल जा सकते हैं.
कोलकाता. सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगभग 26 हजार शिक्षक व गैर शिक्षा कर्मियों की नौकरी रद्द कर देने के बाद भी मुख्यमंत्री के परामर्श पर कई शिक्षक स्कूल जा रहे थे. स्कूल जाने की वैधता पर सवाल उठाते हुए स्कूल सेवा आयोग व शिक्षा विभाग पर अदालत के फैसले की अवमानना का आरोप लगा है. इसे लेकर मामलाकारी बबिता सरकार, सेताबुद्दीन, नसरीन खातून, लक्ष्मी तुंगा, अब्दुल गनी अंसारी ने कानूनी नोटिस भेजा है. उनकी तरफ से वकील फिरदौस शमीम ने यह नोटिस भेजा है. शिक्षा विभाग के सचिव, आयुक्त, स्कूल सेवा आयोग के चेयरमैन व माध्यमिक शिक्षा पर्षद के अध्यक्ष को अदालत की अवमानना का नोटिस भेजा गया है. उनका कहना है कि जब अदालत ने नौकरी रद्द कर दी है तो फिर कैसे वे लोग स्कूल जा सकते हैं.
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