एसएससी की इंटरव्यू सूची में एक भी दागी अभ्यर्थी का नाम नहीं होना चाहिए : हाइकोर्ट

कलकत्ता हाइकोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कक्षा 11–12 के शिक्षकों की चल रही नियुक्ति प्रक्रिया में कोई भी दागी या अयोग्य घोषित उम्मीदवार शामिल न होने पाये.
अदालत ने एसएससी को अयोग्य उम्मीदवारों की फिर से सूची प्रकाशित करने का दिया निर्देश
संवाददाता, कोलकाताकलकत्ता हाइकोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कक्षा 11–12 के शिक्षकों की चल रही नियुक्ति प्रक्रिया में कोई भी दागी या अयोग्य घोषित उम्मीदवार शामिल न होने पाये. एसएससी की इंटरव्यू सूची में किसी भी अयोग्य उम्मीदवार का नाम नहीं होना चाहिए. न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार एसएससी को फिर से सभी अयोग्य उम्मीदवारों की विस्तृत सूची प्रकाशित करनी होगी, ताकि इंटरव्यू सूची में किसी दागी का नाम है तो उसे चिन्हित कर तुरंत हटाया जा सके. न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने कहा कि मौजूदा सूची में अयोग्य घोषित शिक्षकों के केवल नाम और रोल नंबर दिये गये हैं, जबकि पहचान स्पष्ट करने के लिए पिता का नाम, पता और अन्य विवरण अनिवार्य हैं. मामले की अगली सुनवाई तीन दिसंबर को होगी.याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि एसएससी ने सेवा से बर्खास्त किये गये दागी उम्मीदवारों को नयी इंटरव्यू सूची में शामिल किया है. चार ऐसे अभ्यर्थियों के नाम अदालत में रखे गये, जिनमें दो दिव्यांग भी हैं. इस पर न्यायमूर्ति सिन्हा ने स्पष्ट किया कि दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिली रियायत केवल आयु सीमा से संबंधित है, न कि अयोग्यता से. दागी उम्मीदवार किसी भी विशेष राहत के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकते.यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब एसएससी की नवीनतम इंटरव्यू सूची में लगभग 20 हजार नाम शामिल किये गये हैं, जबकि रिक्तियां 12,445 हैं. याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि कई नये अभ्यर्थी, जिन्होंने लिखित परीक्षा में पूर्णांक प्राप्त किये, उन्हें इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया गया, जबकि कुछ उम्मीदवारों ने प्राथमिक स्कूलों में अनुभव का दावा कर अनुचित रूप से अतिरिक्त 10 अंक हासिल कर लिये.
पार्ट टाइम शिक्षकों के अनुभव अंक पर आयोग ने दी सफाई
एसएससी के परिणाम प्रकाशित होने के बाद एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि पार्ट टाइम शिक्षकों को अनुभव के आधार पर अतिरिक्त 10 अंक प्रदान किये गये. बुधवार को सुनवाई के दाैरान एसएससी ने अदालत को बताया कि यदि कोई आंशिक समय का शिक्षक जानकारी छिपाकर अनुभव के आधार पर अंक प्राप्त करता पाया गया तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जायेगा. गौरतलब है कि नये परिणामों में पूर्व सेवा अनुभव के आधार पर 10 अंक जोड़े जाने की बात सामने आयी है. आरोप है कि दो पार्ट टाइम शिक्षक को भी अनुभव के आधार पर अंक प्रदान किया गया है. इसी आधार पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सवाल उठाया गया कि यदि दो अभ्यर्थियों को अनुभव अंक मिल सकते हैं, तो दूसरों को क्यों नहीं दिये जायेंगे.
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