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भारत-बांग्लादेश सीमा पर और बढ़ायी गयी चौकसी, नौ बांग्लादेशी घुसपैठिये पकड़े गये

Updated at : 10 May 2025 1:11 AM (IST)
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर और बढ़ायी गयी चौकसी, नौ बांग्लादेशी घुसपैठिये पकड़े गये

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के मद्देनजर भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी सतर्कता व निगरानी और बढ़ायी गयी है.

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संवाददाता, कोलकाता

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के मद्देनजर भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी सतर्कता व निगरानी और बढ़ायी गयी है. राज्य में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को हाइ अलर्ट मोड पर रखा गया है. बांग्लादेश के रास्ते भारतीय सीमा में घुसपैठ न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए बीएसएफ ने तत्परता और बढ़ायी है. शुक्रवार को विशेष सूचना पर उत्तर बंगाल फ्रंटियर के अंतर्गत बीएसएफ किशनगंज सेक्टर के जवानों ने उत्तर दिनाजपुर स्थित सीमावर्ती इलाका दासपाड़ा इलाके से नौ बांग्लादेशियों को पकड़ा है. बुधवार को चार बांग्लादेशी गिरफ्तार किये गये थे.

बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने किया दौरा : बीएसएफ पूर्वी कमान के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) महेश कुमार अग्रवाल ने उत्तर बंगाल सीमांत क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने बल के अधिकारियों के साथ बैठक की व जवानों को और चौकस रहने का निर्देश भी दिया.

भारत-बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा करीब 4,096.7 किलोमीटर लंबी है. इसमें पश्चिम बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा का दायरा करीब 2,216.7 किलोमीटर है. पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा करीब 2,216.7 किलोमीटर लंबी है, जबकि त्रिपुरा में यह अंतरराष्ट्रीय सीमा 856 किलोमीटर, मेघालय में 443 किलोमीटर, असम में 262 किलोमीटर और मिजोरम में 318 किलोमीटर तक फैली हुई है. इस अंतरराष्ट्रीय सीमा का करीब 936.41 किलोमीटर का हिस्सा बीएसएफ के उत्तर बंगाल फ्रंटियर के अधिकार क्षेत्र में आता है, जो दक्षिण दिनाजपुर, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार समेत पश्चिम बंगाल के पांच जिलों तक फैला हुआ है. भौगोलिक कारणों के चलते बीएसएफ, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के अंतर्गत आनेवाली भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा दुनिया के पांच प्रमुख खतरनाक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं में से एक मानी जाती है. दक्षिण बंगाल सीमांत, बीएसएफ की जिम्मेदारी वाले इलाके में पांच सीमावर्ती जिले पड़ते हैं. इनमें उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद व मालदा शामिल हैं. ये जिले बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हैं. इस अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई करीब 913.32 किलोमीटर है, जिसमें थल सीमा 549.39 किमी और जल सीमा 363.93 किमी है. यहां करीब 405.39 किमी क्षेत्र में ही कंटीले बाड़ लगे हैं. यानी आधे क्षेत्र में कंटीले तार व बाड़ नहीं हैं.

ग्रामीणों को अलर्ट कर रहे बीएसएफ के जवान

सीमा से सटे गांवों में रहनेवाले लोगों की सुरक्षा को लेकर बीएसएफ के अधिकारी व जवान उन्हें अलर्ट कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की भनक मिलते ही बीएसएफ व पुलिस को सूचना देने की अपील की गयी है. पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष के मद्देनजर भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी चौकसी और महत्वपूर्ण हो गयी है.

यही हाल बीएसएफ, उत्तर बंगाल फ्रंटियर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों का भी है. वहीं, बांग्लादेश में संवेदनशील इलाकों में बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) का निगरानी को लेकर उदासीन रवैया है. ऐसे में एक बड़े क्षेत्र में बाड़ नहीं होने, विषम भौगोलिक दशा व बीजीबी के रवैये के कारण भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा का तस्कर व घुसपैठिये फायदा उठाने की कोशिश करते हैं. घुसपैठ व तस्करी को अंजाम देने के लिए तस्कर अलग-अलग तरीकों का भी इस्तेमाल करते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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