झालदा में टीका देने के कुछ घंटों बाद नवजात की हो गयी मौत

Updated at : 08 Mar 2025 12:02 AM (IST)
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झालदा में टीका देने के कुछ घंटों बाद नवजात की हो गयी मौत

जिला के झालदा थाना क्षेत्र के ईचाक गांव के रहनेवाले रामेश्वर लाया के नवजात शिशु की गुरुवार को मौत हो गयी.

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पीड़ित परिवार का दावा, 45 दिन के शिशु को दिया गया था गलत टीका पुरुलिया. वैक्सीन देने के कुछ घंटों बाद 45 दिनों के एक शिशु की मौत हो गयी. इसके बाद पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि शिशु को गलत टीका दिया गया था, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी और आखिर में मौत हो गयी. इस बीच, घटना को लेकर राजनीति चल पड़ी है. जिला के झालदा थाना क्षेत्र के ईचाक गांव के रहनेवाले रामेश्वर लाया के नवजात शिशु की गुरुवार को मौत हो गयी. रामेश्वर ने बताया कि बुधवार को वह अपने 45 दिनों के बच्चे को स्थानीय पिलाई स्वास्थ्य केंद्र टीका लगवाने गये थे. वहां उसे टीका लगाया गया था. घर आने के बाद रात में शिशु को बुखार आ गया. फिर स्वास्थ्यकर्मियों के बताने पर रात में उसे बुखार की एक गोली दी गयी. रात लगभग 12:00 बजे बच्चे ने अपनी मां का दूध भी पिया और सो गया. पर अगली सुबह बच्चे की नाक से खून बह रहा था. स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी गयी. आशाकर्मी ने घर आकर देखा, तो बताया कि शिशु की मौत हो गयी है. फिर परिवार ने शिशु के शव को दफना दिया. मगर अब पीड़ित परिवार को लगता है कि गलत टीका देने से बच्चे की मौत हो गयी है. घटना के खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गयी, गुरुवार शाम प्रखंड स्वास्थ्य अधिकारी रामेश्वर लाया के घर पहुंचे एवं मामले की जानकारी ली. घटना के बाद शुक्रवार को माकपा के केंद्रीय कमेटी के सदस्य सुजन चक्रवर्ती पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और शोक-संवेदना जतायी. साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. उनकी मांग है कि शिशु के शव का पोस्टमार्टम कराया जाये, ताकि मामले का सच सामने आ सके. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी है. सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में नकली दवाएं सप्लाई की जा रही हैं. माकपा नेता का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में नकली सलाइन से लेकर नकली दवाओं से मरीजों की जान जा रही है. मेदिनीपुर कॉलेज से लेकर तमाम जगह पर ऐसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन राज्य की तृणमूल कांग्रेस मरीजों को दिया जा रहा है इस बच्चे को भी नकली वैक्सीन देने के कारण ही इस बच्चे की मौत हुई है. क्योंकि उत्तर बंगाल के मालबाजार में भी ऐसी घटना हुई है इसलिए हमलोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं. यह भी इल्जाम लगाया कि राज्य सरकार ऐसे मामलों को दबाने का प्रयास कर रही है. उधर, जिला कांग्रेस के अध्यक्ष नेपाल महतो ने भी दावा किया कि नकली टीका लगाने से बच्चे की मौत हुई है. वे लोग भी चाहते हैं कि नवजात के शव को कब्र से निकाल कर उसका पोस्टमार्टम कराया जाये, ताकि सच सामने आये. इस बीच, जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी आकाश विश्वास ने बताया कि 45 दिनों के बाद बच्चे को जो वैक्सीन दी जाती है, वही दी गयी थी. उस बच्चे के साथ चार अन्य शिशुओं को भी वही टीका लगाया गया था, वे सब सामान्य हैं.

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