बेलडांगा हिंसा : क्यों लगाया UAPA, हाईकोर्ट को दें रिपोर्ट, NIA को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

Updated at : 11 Feb 2026 4:09 PM (IST)
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Murshidabad Violence UAPA NIA investigation Supreme Court Order

बेलडांगा हिंसा केस की सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई. फोटो : प्रभात खबर

Murshidabad Violence: सुप्रीम कोर्ट ने मुर्शिदाबाद हिंसा मामले में एनआईए को यूएपीए लगाने के औचित्य पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सीलबंद रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को एनआईए जांच के खिलाफ अपनी शिकायतें हाईकोर्ट में उठाने की छूट भी दी है. मामला बेलडांगा हिंसा से जुड़ा है.

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Murshidabad Violence: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को निर्देश दिया कि वह पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा और अशांति से जुड़े मामले में यूएपीए लगाने की वजह साफ करे. कोर्ट ने कहा कि एनआईए इस बारे में अपनी रिपोर्ट कलकत्ता हाईकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में दाखिल करे.

बंगाल को एनआईए जांच पर आपत्ति, तो जाएं हाईकोर्ट – सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की अपील का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया. चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने राज्य सरकार से कहा कि अगर उसे एनआईए की जांच पर आपत्ति है, तो वह अपनी शिकायतें लेकर हाईकोर्ट जाए.

एनआईए जांच के केंद्र के आदेश की भी जांच कर सकता है हाईकोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट केंद्र सरकार के उस फैसले की भी जांच कर सकता है, जिसमें मुर्शिदाबाद हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंपने का आदेश दिया गया था.

20 जनवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने हिंसा पर जतायी थी चिंता

इससे पहले 20 जनवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद जिले में बार-बार हो रही हिंसा और अशांति पर चिंता जतायी थी. हाईकोर्ट ने पुलिस और प्रशासन को इलाके में शांति बनाये रखने का निर्देश दिया था.

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28 जनवरी को केंद्र ने दिया था एनआईए जांच का आदेश

मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार केंद्रीय बलों की मांग कर सकती है. साथ ही कोर्ट ने कहा था कि केंद्र सरकार एनआईए जांच पर फैसला लेने से पहले राज्य सरकार की रिपोर्ट देखेगी. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी को इस मामले में एनआईए जांच का आदेश दे दिया था.

Murshidabad Violence केस में हाईकोर्ट में दाखिल हुई थी 2 जनहित याचिकाएं

मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में हुई हिंसा के बाद, जिसमें पड़ोसी राज्यों में प्रवासी मजदूरों पर कथित हमलों का मामला जुड़ा था, केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग को लेकर हाईकोर्ट में 2 जनहित याचिकाएं भी दाखिल की गयीं थीं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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