बांग्ला आवास योजना की जांच के लिए एसएटी का होगा गठन

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बांग्ला आवास योजना की जांच के लिए एसएटी का होगा गठन

बांग्ला आवास योजना के लाभार्थियों की सूची के सत्यापन के लिए एक सोशल ऑडिट टीम (एसएटी) का गठन किया जायेगा. वे अपनी इच्छा के अनुसार सूची की जांच करेंगे.इसके अलावा मोबाइल ऐप के माध्यम से भी सूची का सत्यापन किया जायेगा.

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कोलकाता

. पश्चिम बंगाल सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों का पक्का मकान प्रदान करने के लिए बांग्ला आवास योजना की शुरूआत की है. योजना के प्रथम चरण में करीब 12 लाख लोगों को एक लाख रुपये 20 हजार रुपये के हिसाब से अनुदान प्रदान किया गया है. अब जल्द ही राज्य सरकार की ओर से बांग्ला आवास याेजना के दूसरे चरण की शुरूआत की जायेगी. लेकिन इस योजना का दूसरा चरण शुरू करने से पहले राज्य सरकार और सख्त हो गयी है. लाभार्थियों की सूची के सत्यापन के लिए छह चरणों में जांच की जा���ेगी. अगर सूची को लेकर कोई शिकायत है, तो सीधे ‘दीदी के बोलो’ कार्यक्रम के माध्यम से सीएमओ में शिकायत दर्ज करायी जा सकती है.

इसके अलावा, बांग्ला आवास योजना के लाभार्थियों की सूची के सत्यापन के लिए एक सोशल ऑडिट टीम (एसएटी) का गठन किया जायेगा. वे अपनी इच्छा के अनुसार सूची की जांच करेंगे.

इसके अलावा मोबाइल ऐप के माध्यम से भी सूची का सत्यापन किया जायेगा. इसके साथ ही स्थानीय ओसी, आईसी और पुलिस स्टेशन की राज्य स्तरीय निगरानी टीम भी सूची का सत्यापन करेगी. हालांकि, बीडीओ या संयुक्त बीडीओ 15 प्रतिशत, एसडीओ पांच प्रतिशत और जिला अधिकारी दो प्रतिशत सूची का सत्यापन करेंगे. यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो उसका समाधान पांच दिनों के भीतर करना होगा.

राज्य के सभी जिलों में डीएम, बीडीओ व एसडीओ कार्यालय में रखी जायेगी शिकायत पेटी

राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, सभी जिलाें के डीएम, बीडीओ, एसडीओ कार्यालयों में शिकायत पेटी रखी जायेगी, जहां शिकायतें जमा की जा सकती हैं. राज्य में बांग्ला आवास योजना के दूसरे चरण का काम शुरू करने से पहले राज्य सरकार ने विशेष दिशानिर्देश जारी किये हैं. राज्य सरकार ने लाभार्थियों की सूची का छह सूत्री सत्यापन करने का उल्लेख किया है और इसकी सूची बनाने की प्रक्रिया 30 नवंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है. बताया गया है कि इस परियोजना के लाभार्थियों की सूची का 10 अक्तूबर तक पुनर्मूल्यांकन करना होगा. सूची की समीक्षा के बाद, 15 अक्तूबर तक जमीन पर जाकर यह देखना आवश्यक होगा कि क्या वह व्यक्ति इस परियोजना का लाभ पाने के योग्य पात्र है या नहीं.

10 नवंबर तक डीएम, बीडीओ व ग्राम पंचायत कार्यालय में लगायी जायेगी लाभार्थियों की सूची : इसके पश्चात, तीन नवंबर तक, परियोजना के लाभार्थियों की मसौदा सूची ग्राम पंचायत, ब्लॉक व जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में लगायी जायेगी, जहां लोग जाकर अपना नाम देख सकते हैं. राज्य सचिवालय ने कहा है कि जिला प्रशासन को ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि सभी लोग 10 नवंबर तक इस सूची को देख सकें. अगर किसी को सूची में किसी नाम पर आपत्ति होगी, तो वे शिकायत कर सकते हैं. इसके बाद ग्राम सभा बुलायी जायेगी, फिर संबंधित लाभार्थियों के नाम अनुमोदित किये जायेंगे और 17 नवंबर तक बीडीओ कार्यालय को भेजे जायेंगे. इन नामों को लेकर बीडीओ कार्यालय में एक बैठक बुलाया जायेगा और इसे अंतिम रूप दिया जायेगा. इसके बाद 21 नवंबर तक जिला स्तर और फिर 26 नवंबर तक राज्य स्तर पर अंतिम रूप दिया जायेगा.

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Bijay Kumar

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