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पीएम मोदी पहले भाजपा शासित प्रदेशों की दशा सुधारें : तृणमूल

Updated at : 19 Jul 2025 12:54 AM (IST)
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पीएम मोदी पहले भाजपा शासित प्रदेशों की दशा सुधारें : तृणमूल

साथ ही दुर्गापुर में भाजपा की सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विकास व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तृणमूल सरकार की जमकर आलोचना की.

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विकास व महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर कसा तंज हाथ में समोसा व जलेबी लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी की आलोचना की कोलकाता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में 5,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. साथ ही दुर्गापुर में भाजपा की सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विकास व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तृणमूल सरकार की जमकर आलोचना की. इधर, राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल ने भी पलटवार किया. यहां तृणमूल भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान पार्टी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष व तृणमूल नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि “बात यदि विकास व महिलाओं की सुरक्षा की है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले भाजपा शासित प्रदेशों की दशा सुधारने की बात पर ध्यान देना चाहिए. वह हाथरस में हुई घटना व बिलकिस बानो के साथ हुए निर्मम अत्याचार को क्या भूल गये हैं?” राज्य को केंद्र सरकार द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं करने का मुद्दा उठाते हुए कुणाल घोष ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने दुर्गापुर में एक सरकारी समारोह के मंच से 5,400 करोड़ रुपये की एक परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया, लेकिन उन्होंने बंगाल को मिलने वाले बकाये राशि के बारे में कुछ नहीं कहा. जो राज्यवासियों का अधिकार है. वह बंगाल में खाली हाथ आकर बड़ी-बड़ी बातें क्यों कर रहे हैं? बंगाल को करीब 1.70 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा बकाया राशि का भुगतान करना है. उसे क्यों नहीं दिया जा रहा है? 100 दिनों रोजगार योजना की राशि, आवास योजना की राशि भुगतान नहीं किया गया. वह दिखाई देने वाला बकाया नहीं चुका रहे हैं, उन्होंने अदृश्य वाले पांच हजार करोड़ रुपये दिखा दिये!” तृणमूल नेता ने देश में बेरोजगारी दर से लेकर महिलाओं पर होने वाली हिंसा व अन्य मुद्दे पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. तृणमूल का आरोप है कि भाजपा राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले झूठ बोलकर बंगाल में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है. देशवासियों को फिट रहने की मुहिम के तहत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने तमाम मंत्रालयों, विभागों, और स्वायत्त निकायों को एडवाइजरी जारी की है कि वे समोसा, जलेबी, कचौड़ी, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज व अन्य तले-भुने जैसे खाद्य पदार्थों में चीनी व तेल की मात्रा का उल्लेख करते हुए बोर्ड पर इसे प्रदर्शित करें. संवाददाता सम्मेलन के दौरान तृणमूल नेताओं ने जलेबी, समोसा व फिश फ्राई हाथ में लेकर केंद्र की एडवाइजरी की आलोचना की. श्री घोष ने कहा कि “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही साफ कर दिया है कि राज्य सरकार लोगों के खान-पान में कोई दखल देने के पक्ष में नहीं हैं. मछली, मिठाई वगैरह हमेशा से बंगाल में रही है और आगे भी रहेगी. फिश फ्राई होगी, समोसा होगा, जलेबी होगी. हम किसी भी हालत में खाने-पीने पर फतवे नहीं मानते.”

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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