प्रवासी मजदूर की चेन्नई में ‘भूख’ से मौत, राज्यपाल ने की तृणमूल सरकार की निंदा
Author Prabhat khabar news desk
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राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने चेन्नई में कथित तौर पर भुखमरी के कारण राज्य के एक प्रवासी श्रमिक की मौत पर बुधवार को चिंता व्यक्त की और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि उनके ‘संवैधानिक सहयोगी लोगों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.’
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सीएम के संवैधानिक सहयोगी जिंदगियों से कर रहे खिलवाड़ : बोस
संवाददाता, कोलकाताराज्यपाल सीवी आनंद बोस ने चेन्नई में कथित तौर पर भुखमरी के कारण राज्य के एक प्रवासी श्रमिक की मौत पर बुधवार को चिंता व्यक्त की और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि उनके ‘संवैधानिक सहयोगी लोगों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.’ गांधी जयंती के मौके पर बुधवार को सीवी आनंद बोस बैरकपुर गांधीघाट पहुंचे थे. उन्होंने यह टिप्पणी पूर्व मेदिनीपुर जिले के एक प्रवासी मजदूर की सोमवार को तमिलनाडु की राजधानी में ‘भूख’ से मौत होने के मद्देनजर की है. उन्होंने राज्य के प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा पर भी चिंता व्यक्त की, जिन्हें आजीविका की तलाश में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. बोस ने कहा : क्या ममता बनर्जी गांधीजी के प्रिय दरिद्र नारायण की देखभाल इस तरह करती हैं? सबको सन्मति दे भगवान. सरकारी सूत्रों के अनुसार हाल में कई प्रवासी कामगार नौकरी की तलाश में चेन्नई गये थे, लेकिन उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली. उन्होंने आरोप लगाया कि ये मजदूर ‘भूख’ से बेहाल और दीन हीन हालत में पाये गये, जिनमें से कुछ को चेन्नई रेलवे स्टेशन से बेहोशी की हालत में बचाया गया. उन्होंने कहा कि जिस अस्पताल में पांचों मजदूरों को भर्ती कराया गया था, वहां भी इसकी पुष्टि हुई है. इनमें से तीन की हालत गंभीर है. उन्होंने कहा कि मजदूरों में से एक समर खान की 30 सितंबर को मौत हो गयी. एक अधिकारी ने बताया कि खान का शव पूर्व मेदिनीपुर जिले में भेजा जा रहा है, जबकि चार अन्य अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर है. बोस ने कहा कि राज्य सरकार को प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा के प्रति ‘संवेदनशील और उत्तरदायी’ होना चाहिए. बोस केरल में थे और घटना के बाद वह चेन्नई गये साथ ही उन्होंने अस्पतालों में भर्ती तथा आश्रय गृहों में रह रहे लोगों की सहायता के लिए अधिकारियों को भेजा. बोस ने राज्य सरकार से प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए प्रभावी कदम उठाने का अनुरोध किया है.तृणमूल ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
राज्यपाल के बयान के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी. तृणमूल कांग्रेस के नेता अरूप चक्रवर्ती ने राज्यपाल की टिप्पणी पर कहा : अगर महात्मा गांधी आज जीवित होते, तो क्या वह चाहते कि केंद्र सरकार मनरेगा परियोजना का पैसा रोक ले? ढाई साल काम करने के बाद भी मजदूरों को भुगतान नहीं मिल रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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