चंद्रिमा के इस्तीफे से भड़कीं ममता बनर्जी, फेसबुक LIVE कर कहा- बीजेपी में जाना है जाओ, तृणमूल को मत तोड़ो

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टीएमसी कार्यकर्ताओं को संबोधित करतीं ममता बनर्जी.

Mamata Banerjee Facebook LIVE: चंद्रिमा भट्टाचार्य के तृणमूल कांग्रेस छोड़ने और पार्टी सुप्रीमो पर गंभीर आरोप लगाये जाने के बाद ममता बनर्जी का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने बागी नेताओं पर अपनी भड़ास उतारते हुए कहा- जिनको बीजेपी में जाना है जाओ, टीएमसी को तोड़ने की कोशिश न करो.

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Mamata Banerjee Facebook LIVE: पश्चिम बंगाल में लगातार 15 साल तक सरकार चलाने वाली ममता बनर्जी की पार्टी पूरी तरह से बिखर चुकी है. चंद्रिमा भट्टाचार्य के पार्टी से इस्तीफे के बाद प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने शनिवार को चंद्रिमा के इस्तीफे के बाद फेसबुक पर लाईव आकर कहा कि बीजेपी में शामिल होना चाहते हो तो जाओ, लेकिन टीएमसी को तोड़ने की कोशिश मत करो.

टीएमसी के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश

ममता बनर्जी ने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें कोई रोक नहीं रहा. लेकिन संगठन को कमजोर करने की किसी को अनुमति नहीं दी जायेगी. यह बयान टीएमसी के वफादार कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और विद्रोहियों को अलग-थलग करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि चंद्रिमा ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी ने फोन पर उनसे इस तरह से बात की, जिससे उनके दिल को ठेस पहुंची. दुखी होकर उन्होंने अपने सभी पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया.

Mamata Banerjee Facebook LIVE: चुनाव में टीएमसी की हुई करारी हार

ममता बनर्जी का बयान ऐसे समय आया है, जब बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में टीएमसी की करारी हार के बाद पार्टी दोफाड़ हो चुकी है. वर्ष 2021 में 215 सीटें जीतने वाली टीएमसी को 2026 में मात्र 80 सीटों पर जीत मिली. इसमें से भी 60 विधायकों ने अलग गुट बना लिया है. चुनाव में ममता बनर्जी खुद अपनी सुरक्षित भवानीपुर विधानसभा सीट नहीं बचा पायीं.

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चुनाव परिणाम के बाद टीएमसी में शुरू हुई बगावत

चुनाव में मिली हार के कुछ ही दिन बाद टीएमसी में बगावत का झंडा बुलंद हो गया. रीतब्रत बनर्जी की अगुवाई में बागी गुट ने लीडर ऑफ ऑपोजीशन के पद के साथ-साथ ईएम बाईपास स्थित तृणमूल कांग्रेस भवन पर भी कब्जा कर लिया. मेन गेट पर ताले बदल दिये, अरूप रॉय को नया चेयरमैन घोषित कर दिया. बागी गुट ने ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के प्रभावशाली नेता अभिषेक बनर्जी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए खुद को असली तृणमूल घोषित कर दिया है.

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चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों गुटों से मांगा जवाब

इस बीच, ममता बनर्जी के साथ साये की तरह रहने वाली चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे ने साफ कर दिया है कि टीएमसी में सब कुछ ठीक नहीं है. टीएमसी को खड़ा करने के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाली ममता बनर्जी इससे पूरी तरह निराश और हताश हैं. 58 बागी विधायकों ने पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न (दो फूल) और बैंक अकाउंट्स पर भी दावा ठोंक दिया है. चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से 6 जुलाई तक जवाब मांगा है.

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भाजपा ने टीएमसी का आंतरिक मामला बताया

तृणमूल कांग्रेस से सत्ता छीनने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे टीएमसी का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि स्पीकर और कानून इसका फैसला करेंगे. बीजेपी नेता दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी पर तंज कसा. टीएमसी विरोधी दलों ने कहा कि टीएमसी में लोकतंत्र की कमी और भ्रष्टाचार के आरोपों ने विद्रोह को हवा दी.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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