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कुड़मी समुदाय ने आंदोलन लिया वापस कोटशिला में छह पुलिसकर्मी जख्मी

Updated at : 21 Sep 2025 2:11 AM (IST)
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कुड़मी समुदाय ने आंदोलन लिया वापस कोटशिला में छह पुलिसकर्मी जख्मी

आदिवासी कुड़मी समुदाय के रेल और सड़क रोको आंदोलन का शनिवार को मिला-जुला असर रहा.

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पुरुलिया/खड़गपुर/रांची. आदिवासी कुड़मी समुदाय के रेल और सड़क रोको आंदोलन का शनिवार को मिला-जुला असर रहा. कुड़मी समुदाय ने अनुसूचित जाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन का एलान किया था. आंदोलन देर रात केंद्रीय गृह मंत्रालय के आश्वासन के बाद वापस ले लिया गया. इस संबंध में आदिवासी कुड़मी समाज के वरीय उपाध्यक्ष छोटेलाल महतो ने बताया कि गृह मंत्रालय ने मांगों पर उचित कारवाई करने का आश्वासन दिया है. बहुत जल्द इस संबंध में समाज के लोगों के साथ गृह मंत्रालय की वार्ता होगी. फिलहाल आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया गया है.

आदिवासी कुड़मी समाज ने अपने एलान के मुताबिक शनिवार को पुरुलिया जिले में रेल रोको व सड़क अवरोध आंदोलन किया. हालांकि सुबह स्थिति सामान्य थी, ट्रेन व सरकारी बसों का संचालन अन्य दिनों की तरह चल रहा था. लेकिन झारखंड में बंद के व्यापक असर के कारण पुरुलिया में भी इसका प्रभाव देखा गया. दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल के अनुसार 14 से अधिक पैसेंजर व लोकल ट्रेनों को रद्द किया गया, 10 से अधिक ट्रेनों का यात्रा पथ संक्षिप्त किया गया और 11 से अधिक ट्रेनों के मार्ग बदले गये. शाम 4:00 बजे हजारों की संख्या में कुड़मी समाज के लोग कोटशीला स्टेशन पर पहुंच गये और रेल पटरी पर बैठ कर विरोध प्रदर्शन करने लगे. उस दौरान पुलिस, आरपीएफ व जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को हटाने का प्रयास किया. संघर्ष के दौरान छह पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गये. जिनमें से तीन को प्राथमिक उपचार के बाद पुरुलिया सरकारी मेडिकल कॉलेज भेजा गया. आंदोलनकारी पत्थर बरसाने लगे, जबकि पुलिस ने आंसूगैस चला कर स्थिति नियंत्रित की. संघर्ष के दौरान चार संवाददाताओं के भी जख्मी होने की सूचना है. घटना के बाद जिला पुलिस अधीक्षक अभिजीत बनर्जी के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आंदोलनकारियों को स्टेशन से हटा दिया. हालांकि स्थिति नियंत्रित है, इलाके में अब भी तनाव व दहशत का माहौल है. पुलिस कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

उधर, कुड़मी समुदाय ने अनुसूचित जाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग को लेकर खेमाशुली, कलाइकुंडा और सरडिहा रेलवे स्टेशन पर रेल रोकने और खड़गपुर-जमशेदपुर मुख्य सड़क कोजाम करने का एलान किया था. हालांकि, अदालत का सख्त आदेश ,रेलवे का कड़ा रवैया और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से पहले दिन आंदोलन कोई खास असर नहीं दिखा. खेमाशुली रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों में कुड़मी संगठन के कार्यकर्ता कम ही दिखे. पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था. खेमाशुली ,सरडिहा और कलाइकुंडा रेलवे स्टेशन और खड़गपुर – जमशेदपुर सड़क यातायात परिसेवा लगभग सामान्य रही. हालांकि, झारखंड के चाकुलिया और गालूडी रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन को लेकर कुछ ट्रेनों को रेलवे ने रद्द कर दिया. गौरतलब है कि इससे पहले कुड़मी संगठन की ओर से इन्हीं मांगों को लेकर खेमाशुली में रेल और सड़क रोको आंदोलन किया गया था.जिससे रेलवे और राज्य सरकार को राजस्व का काफी नुकसान उठाना पड़ा था. साथ ही लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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