कांग्रेस ने बंगाल चुनाव के लिए कसी कमर, शकील अहमद समेत ये नेता बनाये गये वरिष्ठ पर्यवेक्षक

Published by : Ashish Jha Updated At : 08 Jan 2026 7:54 AM

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Kolkata news: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में तत्काल प्रभाव से पार्टी नेताओं को एआईसीसी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया. इन राज्यों में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है.

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Kolkata news: नई दिल्ली/कोलकाता. कांग्रेस ने बुधवार को पांच चुनावी राज्यों के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को असम तथा पार्टी महासचिव सचिन पायलट को केरल की जिम्मेदारी दी गई है. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है.

तीन नेता बनाये गये बंगाल में पर्यवेक्षक

इसी प्रकार कांग्रेस ने असम के लिए बघेल, शिवकुमार व बंधु तिर्की तथा केरल के लिए पायलट, केजे जॉर्ज, इमरान प्रतापगढ़ी और कन्हैया कुमार को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया है. तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के लिए मुकुल वासनिक, उत्तम कुमार रेड्डी व काजी मोहम्मद निजामुद्दीन तथा पश्चिम बंगाल के लिए सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है.

पांच राज्यों में होनेवाले हैं विधानसभा चुनाव

असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जो अप्रैल और मई में होने की संभावना है. इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल क्रमशः मई और जून में समाप्त हो रहा है. ऐसे में वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की घोषणा इन राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है. आगामी विधानसभा चुनावों के लिए वरिष्ठ नेताओं की नियुक्ति इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि कांग्रेस पिछले चुनावों में खोई हुई जमीन को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रही है.

सूची में किसी दिग्गज नेता का नाम नहीं

बिहार विधानसभा चुनावों में कोई खास प्रभाव न डाल पाने के बाद, पार्टी अब आगामी राज्य चुनावों में चुनावी लाभ की तलाश में है. इसलिए, उसने पूर्व मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों सहित वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रचार का नेतृत्व करने और स्थिति में बदलाव लाने की जिम्मेदारी सौंपी है. हालांकि, पश्चिम बंगाल के लिए नियुक्त वरिष्ठ पर्यवेक्षकों में किसी भी दिग्गज नेता की अनुपस्थिति ने सवाल खड़े कर दिए हैं. राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने के लिए वाकई गंभीर है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में कांग्रेस की उपस्थिति सीमित है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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