ऑटिस्टिक बच्चे की देखभाल कर रही शिक्षिका को हाइकोर्ट से राहत, खाली पद पर नियुक्ति रोकी

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ऑटिस्टिक बच्चे की देखभाल कर रही शिक्षिका को हाइकोर्ट से राहत, खाली पद पर नियुक्ति रोकी

मालदा निवासी शिक्षिका मनीषा रॉय को कलकत्ता हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है.

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कोलकाता. मालदा निवासी शिक्षिका मनीषा रॉय को कलकत्ता हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. एक ऑटिस्टिक बच्चे की देखभाल करते हुए रोजाना मालदा से कोलकाता आकर पढ़ाने की मजबूरी झेल रहीं मनीषा ने अपने घर के पास स्थित मालदा के रावतारा सेंट थॉमस स्कूल में खाली पड़े पद पर तबादले की मांग की थी. विभागीय कार्रवाई न होने के बाद उन्होंने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अदालत में मनीषा रॉय के वकील ने बताया कि शिक्षिका के ऑटिस्टिक बच्चे को लगातार निगरानी की आवश्यकता है. उसे अकेला छोड़ना जोखिमपूर्ण हो गया है और निगरानी में कमी के कारण उसकी स्थिति बिगड़ रही है. इस परिस्थिति में शिक्षिका का प्रतिदिन मालदा से कोलकाता आना बेहद कठिन होता जा रहा है. वकील ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मनीषा अपनी वर्तमान पोस्ट से छोटे पद पर भी काम करने को तैयार हैं. न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने आदेश दिया कि मालदा के रावतारा सेंट थॉमस स्कूल में खाली पड़े पद पर तब तक कोई नियुक्ति नहीं की जायेगी, जब तक शिक्षिका के आवेदन का उचित निपटारा नहीं किया जाता. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि मामले के समाधान तक वह पद खाली रखा जाये. इस मामले की अगली सुनवाई चार दिसंबर को निर्धारित है, जिसके दिन हाइकोर्ट अगला आदेश सुनायेगा.

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Sandip Tiwari

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