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डॉक्टर से दुष्कर्म-हत्या मामले में सुनवाई पूरी, फैसला 18 को

Updated at : 10 Jan 2025 2:09 AM (IST)
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डॉक्टर से दुष्कर्म-हत्या मामले में सुनवाई पूरी, फैसला 18 को

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक जूनियर महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या के मामले में गुरुवार को सियालदह कोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी हो गयी.

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आरजी कर. सीबीआइ ने दोषी को अधिकतम सजा देने की मांग की

संवाददाता, कोलकाताआरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक जूनियर महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या के मामले में गुरुवार को सियालदह कोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी हो गयी. अदालत 18 जनवरी को अपराह्न करीब 2.30 बजे फैसला सुनायेगा. मामले की सुनवाई की प्रक्रिया पिछले वर्ष 11 नवंबर को शुरू हुई थी. कोर्ट में सुनवाई की प्रक्रिया करीब 60 दिनों तक चली. इस दौरान 52 गवाहों के बयान दर्ज किये गये. मामले की जांच कर रही सीबीआइ पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है. मामले में गिरफ्तार कोलकाता पुलिस का पूर्व सिविक वॉलेंटियर संजय राय एकमात्र और मुख्य आरोपी बताया गया है. सियालदह अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि फैसला 18 जनवरी को सुनाया जायेगा.

गुरुवार को कोर्ट में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने घटना के मुख्य व एकमात्र माने जाने वाले आरोपी संजय राय के लिए अधिकतम सजा की अपील की. इधर, सीबीआइ के दावे का विरोध करते हुए आरोपी के वकील ने कोर्ट से कहा कि वह घटना में शामिल नहीं था. वकील ने कहा कि आरोपी को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है. आरोपी के वकील ने कोर्ट में यह भी दावा किया था कि पीड़िता के शरीर पर संघर्ष के कोई निशान नहीं थे. उसके कपड़े भी सही सलामत थे. परिणामस्वरूप, सीबीआइ जो कह रही है वह सही नहीं है. आरोपी के वकील ने दावा किया कि सीबीआइ द्वारा उपलब्ध कराये गये सबूत भी अपर्याप्त थे. सीबीआइ के वकील की ओर से कोर्ट में कहा गया कि घटना की जांच में मिले सभी सबूत एक ही आरोपी की ओर इशारा करते हैं. विशेषज्ञ डॉक्टरों की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि यह घटना एक व्यक्ति द्वारा किया जाना भी संभव है. इन साक्ष्यों का हवाला देते हुए केंद्रीय एजेंसी ने गिरफ्तार व्यक्ति के लिए अधिकतम सजा की मांग की है.

कोर्ट ने सभी पक्षों के बयान सुने हैं. सीबीआइ ने आरोपी के वकील के बयान के जवाब में गुरुवार को अपनी स्थिति व्यक्त की. यह सुनवाई सियालदह कोर्ट में बंद कमरे में हुई. संदीप घोष व अभिजीत मंडल की भी हो चुकी है गिरफ्तारी : इस मामले की जांच के दौरान सीबीआइ ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष सहित कई लोगों से लंबी पूछताछ की थी. जांच एजेंसी ने संदीप घोष के अलावा टाला थाने के पूर्व ओसी अभिजीत मंडल को गिरफ्तार किया था. दोनों के खिलाफ मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने व इसे दबाने की कोशिश करने का आरोप है. हालांकि, बाद में दोनों को अदालत से जमानत मिल चुकी है. मंडल संशोधनागार से रिहा हो चुके हैं, जबकि संदीप घोष आरजी कर अस्पताल में भ्रष्टाचार के मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में हैं. मामले को लेकर कोर्ट में सीबीआइ द्वारा सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल किया जाना बाकी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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