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दो निजी अस्पतालों पर हेल्थ कमीशन ने की बड़ी कार्रवाई

Updated at : 07 Jan 2025 12:37 AM (IST)
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दो निजी अस्पतालों पर हेल्थ कमीशन ने की बड़ी कार्रवाई

उन्होंने बताया कि डिवाइन नर्सिंग होम पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

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दार्जिलिंग के एक निजी अस्पताल पर एक लाख का जुर्माना कोलकाता. वेस्ट बंगाल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट रेगुलेटरी कमीशन ने राज्य के दो निजी अस्पतालों पर भारी भरकम जुर्माना लगाया है. महानगर के एक नर्सिंग होम पर 10 लाख व दार्जिलिंग जिले के एक अस्पताल पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. कमीशन के चेयरमैन एवं पूर्व जस्टिस असीम कुमार बनर्जी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि डिवाइन नर्सिंग होम पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इस नर्सिंग होम पर रविशंकर साव नामक एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करायी थी. शिकायत थी कि यहां रविशंकर ने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए भर्ती कराया था. सुबह 9.45 बजे उसने एक नवजात (पुत्री) को जन्म दिया. जन्म के समय शिशु का वजन 2.9 किलो था. वह पूरी तरह से स्वस्थ थी. जन्म के बाद रात 10.30 बजे महिला अपनी बच्ची को स्तनपान करवा रही थी. इस दौरान दम घुटने के कारण बच्ची की मौत हो गयी. इस संबंध में पति ने स्वास्थ्य आयोग से शिकायत की थी. जांच में आयोग ने पाया कि नर्सिंग होम की स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण शिशु की मौत हुई है. जांच में आयोग ने पाया कि घटना के दौरान दो नर्स ऑन ड्यूटी थीं. इनमें से जीएनएम नर्सिंग की दूसरी वर्ष की छात्रा थी. घटना के बाद नर्सिंग छात्रा ने नौकरी छोड़ दी है, जबकि दूसरी छुट्टी पर चल रही है. उधर, नर्सिंग होम ने अपने बचाव में कहा कि शिशु को बचाने की कोशिश की गयी. उसे पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट(पीआइसीयू) में शिफ्ट किया गया था. न्यूनेटल केयर चिकित्सक इलाज भी किया. पर उसे बचाया नहीं जा सकता है. ऐसे में आयोग का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण नवजात की मौत हुई. इसलिए डिवाइन नर्सिंग होम पर 10लाख का जुर्माना लगाया गया है. उधर, दार्जिलिंग के होली प्लेस क्रिश्चियन हॉस्पिटल पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. यहां मनोरंजन दास (79) नाम के बुजुर्ग को भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान मूत्र मार्ग में कैथेटर लगाया था. इस दौरान मूत्र मार्ग में इंजुरी हुई. जिसके कारण काफी रक्त बहाव शुरू हो गया. नियंत्रण के लिए मरीज को दूसरे अस्पताल भेजा गया. पर उसे बचाया नहीं जा सका. इसलिए अस्पताल पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है.

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