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डिजिटल अरेस्ट का भय दिखा कर 1871 करोड़ की धोखाधड़ी

Updated at : 22 May 2025 12:55 AM (IST)
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डिजिटल अरेस्ट का भय दिखा कर 1871 करोड़ की धोखाधड़ी

प्रवर्तन निदेशालय (इ़डी) ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर लगभग 1,871 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बुधवार को कोलकाता व नयी दिल्ली की 10 जगहों पर छापेमारी की.

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कार्रवाई. इडी की कोलकाता व दिल्ली में 10 जगहों पर छापेमारी

मामले में दुबई का कनेक्शन भी सामने आया

संवाददाता, कोलकाताप्रवर्तन निदेशालय (इ़डी) ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर लगभग 1,871 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बुधवार को कोलकाता व नयी दिल्ली की 10 जगहों पर छापेमारी की. यह छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गयी है. सूत्रों के अनुसार, कोलकाता में इडी का अभियान बड़ाबाजार इलाके के काली कृष्णा टैगोर स्ट्रीट स्थित एक आवास में चलाया गया. यह घर एक व्यवसायी का है. यहां कुछ लोग पेइंग गेस्ट के तौर पर भी रहते हैं. इडी के अभियान के दौरान सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान भी साथ थे. इडी की छापेमारी में कुछ दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामान जब्त किये जाने की बात सामने आयी है. बताया जा रहा है कि इडी ने कोलकाता पुलिस की ओर से साइबर थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की है. प्राथमिकी के अनुसार, मामले से जुड़े आरोपी खुद को सीबीआइ, कस्टम या दूसरी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को कॉल और व्हाट्स एप वीडियो करते थे. वे लोगों को डराते थे कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग में आ गया है और जल्द ही उनकी अरेस्ट और प्रॉपर्टी सीज हो सकती है. आरोपी फर्जी दस्तावेज भी बनाते थे, जिन पर सुप्रीम कोर्ट, आरबीआइ, कस्टम और सीबीआइ के नकली लेटरहेड्स होते थे. ये दस्तावेज पीड़ितों के नाम पर बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठी जाती थी. जांच में यह बात भी सामने आयी है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करने के लिए कई फर्जी बैंक खातों का भी इस्तेमाल किया. 60 से भी ज्यादा म्यूल अकाउंट का भी पता चला है. सूत्रों के अनुसार, धोखाधड़ी के मामले में दुबई का कनेक्शन भी सामने आया है. आरोपियों ने कई सिम कार्ड कोलकाता से अंतरराष्ट्रीय रोमिंग के जरिये दुबई भेजे थे. वहां से भी आम लोगों को डिजिटल गिरफ्तारी के जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये के लेन-देन को अंजाम दिया गया.

हवाला के जरिये धनराशि का हुआ है स्थानांतरण

धोखाधड़ी से हासिल रुपयों को हवाला के जरिये भी दूसरी जगह स्थानांतरित करने की बात सामने आयी है. अब तक करीब 1,871 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. गिरोह के मास्टरमाइंड माने जाने वाले आरोपी योगेश दुआ और चिराग कपूर उर्फ चिंतक राज की पिछले महीने गिरफ्तारी हो चुकी है. दुआ नयी दिल्ली का निवासी है, जबकि कपूर बेंगलुरु का रहनेवाला है. इडी मामले से जुड़े सभी पहलुओं का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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