कोलकाता-इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने कहा- दीघा का मंदिर विदेशियों के लिए बना वरदान
एजेंसियां, कोलकातादीघा में नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है. इन विदेशी पर्यटकों में इस्कॉन के भक्त प्रमुख हैं, जो जल्द ही मंदिर की यात्रा कर सकते हैं. कोलकाता-इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने कहा कि दीघा मंदिर उन विदेशियों के लिए वरदान बन कर आया है, जिन्हें पुरी स्थित 12वीं शताब्दी के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है. अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) दीघा मंदिर का प्रबंधन कर रहा है, जो पड़ोसी राज्य ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की प्रतिकृति है. इस्कॉन-कोलकाता के प्रवक्ता दास ने कहा: विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु आ रहे हैं. मंदिर के उद्घाटन के दौरान दुनिया भर से करीब 150 देशों के लोग मौजूद थे. उन्होंने कहा कि इनमें से कई आगंतुकों ने 30 अप्रैल के उद्घाटन कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किये हैं, जिससे विभिन्न देशों के लोग हमसे जानकारी के लिए संपर्क कर रहे हैं. दास ने कहा कि विदेशी पर्यटक बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित अत्यंत लोकप्रिय पर्यटन स्थल दीघा में ठहरने के विकल्पों के बारे में जानकारी मांग रहे हैं. उन्होंने कहा: दीघा में हर बजट के लिए अच्छे होटल उपलब्ध हैं, लेकिन ऐसी और भी सुविधाएं उपलब्ध होने की संभावना हमेशा बनी रहती है, क्योंकि मंदिर के उद्घाटन के बाद पर्यटन में तेजी आने की उम्मीद है. आमतौर पर सप्ताहांत के दौरान दीघा और पड़ोसी समुद्र तटीय रिसॉर्ट्स में होटल पूरी तरह बुक हो जाते हैं. दीघा शंकरपुर होटलियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशांत पात्रा ने कहा कि मंदिर के उद्घाटन के बाद पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद अधिक है. पात्रा ने कहा: हमें उम्मीद है कि इससे दीघा में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसमें विदेशी पर्यटक भी शामिल होंगे. दास ने कहा: विदेशी इस नये मंदिर को एक वरदान के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि यहां उन्हें भगवान जगन्नाथ के दर्शन हो सकेंगे और चूंकि इसकी वास्तुकला पुरी के समान है, इसलिए वे दीघा के मंदिर में जाकर यह अनुभव कर सकेंगे कि अंदर से यह कैसा दिखता है. उन्होंने कहा कि दुनिया भर से कई लोग दीघा आने के लिए उत्सुक हैं. दास ने दावा किया कि दीघा मंदिर इस्कॉन के विदेशी भक्तों की भारत यात्रा के कार्यक्रम का हिस्सा बन रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

