मुख्य बातें
ED Raids I PAC Office: कोलकाता. इडी की छापेमारी में बाधा दिये जाने की घटना को लेकर विपक्ष ममता बनर्जी पर हमलावर है. भाजपा समेत कई विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कार्रवाई करने की मांग की है. उत्तर 24 परगना के बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने ने तो पश्चिम बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर दी है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी के काम में ममता बनर्जी ने बाधा दिया है. उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने आज जो किया है, वह कानून के खिलाफ है. ऐसा होता रहा, तब तो वह कभी भी बांग्लादेश का झंडा उठा सकती हैं. इस घटना में कोलकाता पुलिस के सीपी मनोज वर्मा को सस्पेंड करना चाहिए. उन्होंने पूछा – इडी ने ममता बनर्जी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया. पश्चिम बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए.
आई-पैक तृणमूल का आंख-कान
इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि कॉरपोरेट कंपनी आइ-पैक राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की आंख और कान के रूप में काम करती है. बंगाल में पार्टी की चुनावी सफलता सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक रूप से अनैतिक और षड्यंत्रकारी गतिविधियों में संलिप्त है. अधीर रंजन चौधरी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एजेंसी द्वारा कंपनी के परिसरों पर की गयी छापेमारी के बाद इतनी आक्रामक और बेचैन क्यों हैं. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कंपनी ने राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं के लिए धन उगाही के साधन के रूप में काम किया और पार्टी को चुनाव जीतने के लिए साजिशपूर्ण तरीके से तैयार करने में मदद की.
ईडी की कार्रवाई से परेशान क्यों ममता: अधीर
अधीर रंजन चौधरी ने कहा- आइ-पैक तृणमूल की आंख और कान का काम करती है. यह कंपनी खुद चुनाव नहीं लड़ती, लेकिन तृणमूल के आंतरिक कामकाज को नियंत्रित करती है. यह तय करती है कि कौन-किस पद पर बैठेगा. कौन नेता बनेगा और यहां तक कि आंतरिक मतदान को भी प्रभावित करती है. अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी पर उनका नाम लिये बिना निशाना साधते हुए कहा- मैं दीदी से पूछना चाहता हूं कि आप ईडी की कार्रवाई से इतनी परेशान क्यों हैं ? इस एजेंसी ने कांग्रेस सहित देश के कई दलों पर हमले किये हैं. इसने राहुल गांधी और सोनिया गांधी का अपमान किया है. तब आपको कोई फर्क नहीं पड़ा. आप चुनिंदा प्रतिक्रिया देती हैं. उन्होंने कहा- जब सीबीआइ सारधा चिट फंड मामले में आपके राज्य के एक शीर्ष पुलिस अधिकारी राजीव कुमार से पूछताछ करने गयी थी. तब आपने एस्प्लेनेड में रात भर धरना दिया था, लेकिन जब राज्य में महिलाओं पर हमले होते हैं, जैसे कि कर मेडिकल कॉलेज में या कस्बा के लॉ कॉलेज में होता है. तब आप उनके खिलाफ आवाज नहीं उठातीं.
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