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अपराजिता विधेयक को कानून बनाने की मांग तेज, तृणमूल ने निकाली रैली

Updated at : 01 Dec 2024 12:54 AM (IST)
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अपराजिता विधेयक को कानून बनाने की मांग तेज, तृणमूल ने निकाली रैली

हालांकि, अभी तक यह कानून नहीं बन पाया है. इस मसले को लेकर तृणमूल महिला कांग्रेस की ओर से शनिवार को राज्यभर में रैलियां निकालीं गयीं.

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कोलकाता. आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में एक जूनियर महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर देशभर में विरोध हुआ था. इस घटना के बाद ही महिलाओं के खिलाफ होने वाली आपराधिक घटनाओं के दोषियों के जल्द सजा सुनिश्चित करने व महिलाओं की सुरक्षा के तहत विधानसभा में ”अपराजिता महिला व बाल (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून संशोधन) विधेयक” पास हो गया है. राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस द्वारा इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा जा चुका है. हालांकि, अभी तक यह कानून नहीं बन पाया है. इस मसले को लेकर तृणमूल महिला कांग्रेस की ओर से शनिवार को राज्यभर में रैलियां निकालीं गयीं. रैलियों में सवाल उठाया गया कि अभी तक विधेयक को लेकर कानून क्यों नहीं बनाया जाना संभव हो पाया है. दक्षिण कोलकाता में यह रैली जादवपुर से गोलपार्क तक निकाली गयी. रैली में तृणमूल महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य, प्रियदर्शिनी हकीम समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहीं. श्रीमती भट्टाचार्य ने कहा : तृणमूल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह तय किया जा चुका था कि महिलाओं की सुरक्षा के कानून को लेकर केंद्र सरकार द्वारा ठोस कदम नहीं उठाये जाने को लेकर प्रदर्शन किया जायेगा. केंद्र सरकार ने विधानसभा में पहले ही पारित इस (अपराजिता) विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्ताक्षर कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है. यह विधेयक हमने सितंबर 2024 में विधानसभा में पारित किया था, इसलिए शनिवार को इस रैली में शामिल हैं और रविवार को महिला तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्यव्यापी धरना भी दिये जायेंगे. प्रियदर्शनी हकीम ने कहा कि कोलकाता में जूनियर महिला चिकित्सक के साथ घटित दुखद घटना को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सड़क पर उतरीं है, ताकि इस मामले में जल्द से जल्द न्याय मिले. इसे लेकर तृणमूल सरकार यहां विधानसभा में अपराजिता विधेयक लेकर आयी है, जिसमें 30 दिन में चार्जशीट दाखिल करनी होगी और 90 दिन में न्याय देना होगा. इसे केंद्र सरकार को कानून में शामिल करना चाहिए, ताकि महिलाओं को जल्दी सम्मान मिले और वे सुरक्षित रह सकें. इसी मांग पर तृणमूल महिला कांग्रेस सड़कों पर उतरी है. उत्तर कोलकाता में महिला तृणमूल कांग्रेस की रैली श्यामबाजार फाइव प्वाइंट क्राॅसिंग शुरू हुई, जो विवेकानंद रोड में खत्म हुई. रैली में उद्योग मंत्री डॉ शशि पांजा, स्मिता बख्शी, नयना बंद्योपाध्याय, सुप्ति पांडेय, श्रेया पांडेय के अलावा अन्य महिलाएं शामिल रहीं. गौरतलब है कि विधानसभा में सितंबर में ‘अपराजिता महिला एवं बाल (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून संशोधन) विधेयक’ सर्वसम्मति से पारित हुए था. इस कानून के तहत दुष्कर्म और हत्या के मामलों में या दुष्कर्म के ऐसे मामलों में जहां पीड़िता को मरने के लिए छोड़ दिया जाता है, आरोपी को मौत की सजा का प्रावधान है. हालांकि, इस विधेयक पर अभी तक राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर नहीं किया है. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ये विधेयक कानून बन जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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