ePaper

विस चुनाव के दौरान मदरसा में मतदान केंद्र नहीं बनाने की मांग

Updated at : 08 May 2025 1:27 AM (IST)
विज्ञापन
विस चुनाव के दौरान मदरसा में मतदान केंद्र नहीं बनाने की मांग

श्री अधिकारी ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में किसी भी मदरसे में कोई बूथ नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे हिंदू मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी.

विज्ञापन

कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को सौंपा कर अगले वर्ष होनेवाले विधानसभा चुनाव में किसी भी मदरसा में मतदान केंद्र नहीं बनाने का आवेदन किया है. साथ ही, विपक्ष के नेता ने उन सभी स्थानों पर अतिरिक्त बूथ बनाने का आवेदन किया है, जहां हिंदुओं को बूथ तक जाने के लिए मुस्लिम मोहल्लों से होकर गुजरना पड़ता है. बुधवार को राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि मोथाबाड़ही, शमशेरगंज और धुलियान की घटनाओं को देखने के बाद, राज्य में हिंदू मुस्लिम इलाकों से होकर मतदान करने में स्वयं सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे. श्री अधिकारी ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में किसी भी मदरसे में कोई बूथ नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे हिंदू मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी. इसलिए जहां भी मदरसों में मतदान केंद्र बनाये जाते हैं, उसे तुरंत बदलना होगा और नये मतदान केंद्र बनाने होंगे. उन्होंने कहा कि हिंदू मतदाता मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में स्थित मदरसों में वोट देने जाते समय सुरक्षा की कमी महसूस कर रहे हैं. इस प्रकार की घटना 2021 और 2024 के चुनावों में हुई थी. विपक्ष के नेता राज्य सरकार पर अवैध रूप से बूथ अधिकारियों को बदलने का लगाया आरोप: शुभेंदु अधिकारी ने आयोग से शिकायत की है कि राज्य में अवैध रूप से बूथ स्तर के अधिकारियों को बदला जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक निजी संस्था के इशारे पर राज्य के बीडीओ और एसडीओ द्वारा बूथ स्तर के अधिकारियों को बदला जा रहा है, जो राष्ट्रीय चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना नहीं किया जा सकता. स्थायी कर्मचारी के अलावा किसी को भी बीएलओ पद पर नहीं रखा जा सकता. उन्होंने पूर्व मेदिनीपुर जिले के एगरा नगरपालिका के बीएलओ की सूची आयोग को सौंपी है, जहां आंगनबाड़ी व आशाकर्मियों को बीएलओ की जिम्मेदारी दी गई है. इस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आयोग के निर्देश के बिना बीएलओ को नहीं बदला जा सकता. अगर ऐसा हुआ है तो आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
GANESH MAHTO

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola