भाषाई भेदभाव के खिलाफ भाषा आंदोलन का एलान

मुख्यमंत्री ने ‘भाषा आंदोलन’ शुरू किये जाने का एलान किया है.
हुंकार. शहीद दिवस रैली के मंच से तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने फूंका 2026 विधानसभा चुनाव का बिगुल
2026 के विधानसभा चुनाव में पिछली बार की तुलना में ज्यादा सीटें जीतने का किया आह्वान
संवाददाता, कोलकातातृणमूल कांग्रेस की सोमवार को महानगर के धर्मतला स्थित विक्टोरिया हाउस के पास आयोजित ‘शहीद दिवस’ की सभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री व पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अगले साल होनेवाले विधानसभा चुनाव से पहले ‘बंगाली अस्मिता’ के मुद्दे को तेज करते हुए भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी व बंगाल मूल के लोगों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. इसके साथ ही सुश्री बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने और अंततः इसे केंद्र की सत्ता से बाहर करने का भी आह्वान किया. उन्होंने कहा : अगर भाषा के आधार पर यह भेदभाव (भाषाई प्रोफाइलिंग) नहीं रुका, तो हमारा आंदोलन नयी दिल्ली तक जायेगा. मुख्यमंत्री ने ‘भाषा आंदोलन’ शुरू किये जाने का एलान करते हुए कहा कि 27 जुलाई यानी ‘नानूर दिवस’ से प्रत्येक सप्ताह शनिवार और रविवार दो दिन राज्य के प्रत्येक जिलों में ‘भाषाई भेदभाव’ के खिलाफ धरना-प्रदर्शन होंगे. इस कार्यसूची को अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने तक जारी रखो जायेगा. ममता बनर्जी ने उक्त मुद्दे पर नागरिक समाज से भी यहां गांधी मूर्ति के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने की अपील की. इसके अलावा फिल्म, कला, खेल व अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भी उक्त मुद्दे पर मुखर होने की अपील की. ममता बनर्जी ने कहा : बांग्ला भाषियों को निशाना बनाया जा रहा है. बंगाल में हम हिंदी, मराठी, गुजराती सहित सभी भाषाओं से प्यार करते हैं, लेकिन भाजपा बंगाली का विरोध क्यों कर रही है?बंगाल में हम किसी का भी नाम वोटर लिस्ट से हटने नहीं देंगे : ममता
मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग पर भी हमला बोलते हुए उस पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया और बिहार में कराये जा रहे वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की आलोचना की. उनका आरोप है कि भाजपा और निर्वाचन आयोग बंगाल के खिलाफ साजिश रच रहे हैं. ममता बनर्जी ने कहा : वे बंगाल में भी वही करना चाहते हैं, जो उन्होंने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिये किया. बिहार में उन्होंने 40 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिये हैं. अगर उन्होंने यहां भी यही कोशिश की, तो हम उनका घेराव करेंगे. हम बंगाल में किसी भी नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से हटने नहीं देंगे. केंद्र सरकार ने भाजपा शासित राज्यों को एक नोटिफिकेशन जारी करके कहा है कि अगर कोई संदिग्ध मिले, तो उसे एक महीने के लिए जेल में रखें और डिटेंशन कैंप बना दें. मैं भाजपा को चुनौती देती हूं और देखती हूं कि वे कितने लोगों को जेल में डालेंगे.
भाजपा को सत्ता से बाहर किये जाने तक जारी रहेगी लड़ाई
ममता बनर्जी ने कहा : हमें (तृणमूल को) गत चुनाव की तुलना में राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव में और अधिक सीटें जीतना है. फिर भाजपा को हराने के लिए दिल्ली कूच करना है. हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक भाजपा को केंद्र की सत्ता से बेदखल नहीं कर दिया जाता.
भाजपा को मिलेगा उसकी भाषा में जवाब
भाजपा द्वारा उनके आवास और राज्य सचिवालय तक रैलियां और मार्च निकाले जाने का जिक्र करते हुए सुश्री बनर्जी ने चेतावनी दी : अब जवाब उसी भाषा में मिलेगा, जो उन्हें समझ में आती है. वे (भाजपा) मेरे घर और राज्य सचिवालय तक मार्च निकालते हैं. अगर तृणमूल के कार्यकर्ता भी भाजपा नेताओं के घरों के बाहर धरना देने लगे, तो क्या होगा?असम के मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
बंगाल के निवासियों को राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) नोटिस भेजे जाने को लेकर सुश्री बनर्जी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर हमला करते हुए कहा : वह अपना राज्य नहीं संभाल सकते, लेकिन पश्चिम बंगाल के मामलों में दखल दे रहे हैं. मैं सुष्मिता देव से असम में एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन करने का आग्रह करती हूं. हम सब इसमें शामिल होंगे. पश्चिम बंगाल में अन्य राज्यों से आये लगभग 1.5 करोड़ प्रवासी रहते हैं, लेकिन उन्हें कभी भी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा. हम पूरे भारत के लोगों का स्वागत करते हैं, लेकिन देखिये भाजपा बंगालियों के साथ क्या कर रही है. असम सरकार को बंगाल के निवासियों को एनआरसी का नोटिस भेजने का अधिकार किसने दिया?डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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