सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सीएम ममता ने किया स्वागत

Mamata Banerjee, Chief Minister of India's eastern state of West Bengal, gestures during a news conference after a meeting of her Trinamool Congress party (TMC) in Kolkata September 18, 2012. The biggest ally in Prime Minister Manmohan Singh's government pulled out of the ruling coalition on Tuesday, escalating a political firestorm over big-ticket reform measures launched last week to revive India's flagging economy. Banerjee had demanded the government reverse its decision to raise diesel prices and open the supermarket sector to investment from foreign chains such as Wal-Mart Stores. REUTERS/Rupak De Chowdhuri (INDIA - Tags: BUSINESS POLITICS FOOD)
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया. राज्य सचिवालय नबान्न भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में सीएम ने कहा : अदालत ने दिसंबर तक का समय दिया है. यह फिलहाल राहत की बात है.
कहा- इसी वर्ष समस्या का कर लिया जायेगा समाधान
गैर- शिक्षण कर्मचारियों को कोर्ट ने नहीं दी कोई मोहलत
मुख्यमंत्री ने बर्खास्त शिक्षकों से शांति और धैर्य बनाये रखने की अपील की
कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया. राज्य सचिवालय नबान्न भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में सीएम ने कहा : अदालत ने दिसंबर तक का समय दिया है. यह फिलहाल राहत की बात है. हम उनके वेतन को लेकर चिंतित थे, क्योंकि पहले के फैसले में वेतन वितरण पर रोक लगा दी गयी थी. हम वैकल्पिक रास्ता तलाश रहे थे. अदालत ने हमारी याचिका पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, ताकि उन्हें परेशानी न हो. हम शीर्ष अदालत के आदेश से खुश हैं. अदालती आदेश से राहत महसूस हुई है. मैं शिक्षकों से अनुरोध करूंगी कि वे चिंता न करें. समस्या का समाधान हो जायेगा. उन्होंने कहा : फिलहाल हमें कुछ राहत मिली है. कम से कम शिक्षकों को समय पर वेतन मिलेगा. यह बड़ी राहत है. शीर्ष अदालत ने ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों को राहत नहीं दी है. इस बारे में पूछे जाने पर ममता ने कहा : हम वही करेंगे जो करने की जरूरत है. हमारे वकीलों को दिल्ली से आने दीजिए, मैं उनके साथ बैठकर चर्चा करूंगी. किसी भी समस्या को सुलझाने में समय लगता है. जल्दबाजी में काम न करें या किसी के जाल में न फंसें. कानून पर भरोसा रखें और हम पर विश्वास करें. हम कानूनी तरीकों से निश्चित रूप से कोई रास्ता निकाल लेंगे. धैर्य रखें और इंतजार करें.’
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