बिजनेस एंड इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 2025 के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने की घोषणा मनरेगा का नाम बदलने पर केंद्र सरकार पर सीएम ने साधा निशाना कहा : महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना बेहद शर्मनाक कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाये जाने को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. सुश्री बनर्जी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कानून (मनरेगा) का नाम बदलकर ‘विकसित भारत- जी राम जी’ करने के कदम की कड़ी आलोचना की अौर कहा कि पश्चिम बंगाल की रोजगार गारंटी योजना ‘कर्मश्री’ का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा जायेगा. बिना नाम लिए मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना बेहद शर्मनाक है. अलीपुर के धनधान्य ऑडिटोरियम में राज्य सरकार की अोर से आयोजित बिजनेस एंड इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव 2025 के मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर वह लोग (भाजपा व केंद्र) राष्ट्रपिता को सम्मान नहीं दे सकते तो हम देंगे. राज्य की कर्मश्री योजना का नाम अब महात्मा गांधी के नाम पर रखा जायेगा. सुश्री बनर्जी की ओर से यह घोषणा ऐसे समय आयी जब लोकसभा ने ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पारित कर दिया जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान लेगा. मुख्यमंत्री ने कहा: मुझे शर्म महसूस होती है कि उन्होंने मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने का फैसला किया है, क्योंकि मैं भी इसी देश की हूं. अब हम राष्ट्रपिता तक को भूला रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब हम अपने राज्य की ‘कर्मश्री’ योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग बंगाल को बदनाम करना चाहते हैं, लेकिन वे नहीं जानते कि राज्य कितना बदल गया है. बंगाल एक शांतिपूर्ण राज्य है. बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने वाली तमाम निगेटिव नैरेटिव्स झूठे हैं. इसका उद्देश्य राज्य की छवि को धूमिल करना है. उन्होंने कहा कि बंगाल व उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए कुछ झूठी खबरें व गलत जानकारी इंटरनेट मीडिया में फैलायी जा रही हैं. लेकिन मैं चुनौती देती हूं कि वे बंगाल को नुकसान नहीं पहुंचा सकते. इस मंच से मुख्यमंत्री ने पिछले 15 साल के उनके शासन में बंगाल में उद्योग से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास व उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी. कर्मश्री योजना में कार्य दिवसों की संख्या बढ़ सकती है ‘कर्मश्री’ योजना के तहत राज्य सरकार का दावा है कि लाभार्थियों को 75 दिनों तक काम उपलब्ध कराया जाता है, जबकि ममता बनर्जी के अनुसार केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत धनराशि रोक रखी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लक्ष्य भविष्य में ‘कर्मश्री’ योजना के तहत कार्यदिवसों की संख्या बढ़ाकर 100 करने का है. उन्होंने कहा कि हमने ‘कर्मश्री’ के तहत पहले ही अपने संसाधनों से कई कार्यदिवस सृजित किये हैं. भले ही केंद्र की निधि रोक दी जाये, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लोगों को काम मिले. हम भिखारी नहीं हैं.
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