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महिलाओं की ओर से संचालित एमएसएमइ का होगा सर्वे

Updated at : 04 Jun 2025 11:08 PM (IST)
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महिलाओं की ओर से संचालित एमएसएमइ का होगा सर्वे

राज्य सरकार ने विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित ‘रेजिंग एंड एसिलरेटिंग एमएसएमइ प्रोडक्टिविटी’ (आरएएमपी) कार्यक्रम के तहत महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने और बढ़ावा देने के लिए सभी 23 जिलों में लगभग 5,000 महिलाओं द्वारा संचालित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमइ) का सर्वेक्षण करने का फैसला किया है. इसमें कपड़ा, जूट और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्र शामिल होंगे.

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कोलकाता.

राज्य सरकार ने विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित ‘रेजिंग एंड एसिलरेटिंग एमएसएमइ प्रोडक्टिविटी’ (आरएएमपी) कार्यक्रम के तहत महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने और बढ़ावा देने के लिए सभी 23 जिलों में लगभग 5,000 महिलाओं द्वारा संचालित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमइ) का सर्वेक्षण करने का फैसला किया है. इसमें कपड़ा, जूट और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्र शामिल होंगे.

बताया गया है कि यह पहल महिला उद्योगों को आवश्यक प्रशिक्षण देने और सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किया जा रहा है. राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम व कपड़ा (एमएसएमइ एंड टी) विभाग के सूत्रों ने बताया कि आरएएमपी कार्यक्रम के तहत महिलाओं के नेतृत्व वाले एमएसएमइ को बढ़ावा देने के लिए आरएफपी मंगाया गया है. यह पहल महिलाओं द्वारा संचालित एमएसएमइ के लिए शुरू किया गया है, जो राज्य के एमएसएमइ का लगभग 23.42 प्रतिशत है. इस पहल का उद्देश्य, महिलाओं के नेतृत्व वाले एमएसएमइ का निदानात्मक मूल्यांकन करना, केंद्र सरकार के उद्यम पोर्टल पंजीकरण के माध्यम से औपचारिकता को प्रोत्साहित करना, केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना, इ-कॉमर्स प्लेटफार्मों के माध्यम से बाजार तक पहुंच बढ़ाना, वित्तीय समावेशन में सुधार करना, प्रौद्योगिकी अपनाने का आकलन करना और कार्रवाई योग्य सिफारिशों के साथ ज्ञान अंतराल को संबोधित करना शामिल है.

अभियान के तहत 50 जिला स्तरीय शिविर किये जायेंगे आयोजित : बताया गया है कि इस अभियान के तहत लगभग 50 जिलास्तरीय शिविर आयोजित किये जायेंगे, जिनमें से प्रत्येक में कम से कम 100 महिलाओं को आमंत्रित किया जायेगा, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं, डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन के बारे में शिक्षित किया जा सके. बताया गया है कि इन एमएसएमइ कंपनियों को बाजार तक पहुंच को सुगम बनाया जायेगा, जहां लगभग 100 एमएसएमइ को विश्व बांग्ला, तंतूजा और मंजूषा जैसे इ-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा जायेगा. इस संबंध में विभाग के अधिकारी ने कहा कि यह पहल महिलाओं के नेतृत्व वाले एमएसएमइ पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने, बंगाल में आर्थिक समावेशिता और विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गयी है. मार्च 2025 में, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा किये गये असंगठित क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार, बंगाल ने महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों में अग्रणी स्थान हासिल किया है

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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