दार्जिलिंग से भाजपा सांसद ने बंगाल में की राष्ट्रपति शासन की मांग

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दार्जिलिंग से भाजपा सांसद ने बंगाल में की राष्ट्रपति शासन की मांग

राजू बिष्ट ने संसद में शीतकालीन सत्र के दौरान उठायी आवाज

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राजू बिष्ट ने संसद में शीतकालीन सत्र के दौरान उठायी आवाज कोलकाता. उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सांसद राजू बिष्ट ने मंगलवार को लोकसभा में सरकार से मांग की कि संविधान के अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए. भाजपा सांसद ने अप्रचलित और पुराने हो चुके कानूनों को समाप्त करने या संशोधित करने के प्रावधान वाले ‘निरसन और संशोधन विधेयक, 2025’ पर चर्चा के दौरान ये बात कहीं. उन्होंने अपने गृह राज्य का उल्लेख करते हुए कहा : अप्रचलित कानूनों को निरस्त करना, तो अच्छी बात है, लेकिन सरकार को यह भी सोचना चाहिए कि ऐसे भी कानून हैं, जो संसद में बनते हैं और कुछ राज्यों में इन्हें लागू नहीं किया जाता. भाजपा सदस्य ने दावा किया कि वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) 2006 को आज तक उनके संसदीय क्षेत्र दार्जिलिंग, तराई और दुआर्स में अब तक लागू नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि श्रम संहिता 2020 को पारित किया गया, लेकिन आज भी पश्चिम बंगाल में इस कानून के नियम नहीं बने हैं, जिसके कारण चाय बागान के श्रमिक अपने अधिकारों से वंचित हैं. बिष्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) जैसे अनेक कानूनों का विरोध होता है. उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग करते हुए कहा : संविधान में एक अनुच्छेद, एक कानून ऐसा भी है, जिसका नाम 356 है. मैं इस सदन की ओर से सरकार से मांग करता हूं कि अनुच्छेद 356 लगाकर पश्चिम बंगाल को न्याय दें, बंगाल के ‘चिकंस नेक’ क्षेत्र को सुरक्षित करें और पूरे पश्चिम बंगाल को सुरक्षित कर भारत को सशक्त बनायें.

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