ममता ने मुस्लिम धार्मिक नेताओं के साथ की बैठक, वक्फ (संशोधन) अधिनियम को बताया विभाजनकारी
संवाददाता, कोलकातावक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ मुर्शिदाबाद सहित राज्य के विभिन्न जिलों में हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने इमाम व मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने मुर्शिदाबाद में हाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा को ”पूर्व नियोजित” करार दिया. साथ ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक वर्ग, गृह मंत्रालय के तहत आने वालीं केंद्रीय एजेंसियों व भाजपा पर कथित तौर पर बांग्लादेश से सीमा पार घुसपैठ करा कर राज्य में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया. मुख्यमंत्री ने मुस्लिम धार्मिक नेताओं के साथ बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ”दमनकारी” वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लागू नहीं करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि यह कानून देश को विभाजित करेगा.हिंसा में जिनके घर व दुकानें क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी मिलेगी मदद :
मुख्यमंत्री ने हिंसा के दौरान मारे गये तीन लोगों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा की वजह से जिन लोगों के घर-दुकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके नुकसान की समीक्षा की जायेगी. स्थानीय प्रशासन द्वारा नुकसान की समीक्षा रिपोर्ट मिलने के बाद इन हिंसा पीड़ितों को भी मुआवजा दिया जायेगा.मुर्शिदाबाद हिंसा : राज्य पुलिस की एसआइटी गठित
मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की जांच के लिए राज्य पुलिस ने स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) का गठन किया है. पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय भवानी भवन के अनुसार, एसआइटी में स्थानीय जिला पुलिस, राज्य पुलिस, एसटीएफ, सीआइडी व राज्य की आइबी के अधिकारी शामिल किये गये हैं. मुर्शिदाबाद के लिए रवाना होने वाले महत्वपूर्ण अधिकारियों में आइबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शांतनु चौधरी, सीआइएफ के उप अधीक्षक विजय यादव, सीआइडी के उप अधीक्षक कौशिक घोष, सीआइडी निरीक्षक असीम मंडल, ट्रैफिक मुख्यालय के इंस्पेक्टर राजर्षि दत्ता, सीआइडी इंस्पेक्टर अनुपम चक्रवर्ती, तन्मय घोष, तुहिन दास व सुंदरबन पुलिस जिला, आइसी साइबर क्राइम सुदीप्त दे शामिल हैं. सीआइडी सूत्रों का कहना है कि अबतक मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में शामिल होने के आरोप में पुलिस ने 273 लोगों को गिरफ्तार किया है.केंद्र ने जल्दबाजी में पारित किया कानून : सीएम
ममता बनर्जी ने दावा किया कि पड़ोसी बांग्लादेश में अस्थिर स्थिति के बावजूद केंद्र ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम को जल्दबाजी में पारित कर दिया और अवैध सीमा पार से घुसपैठ की अनुमति दी, जिसके कारण बंगाल में अशांति फैली. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीएसएफ के एक वर्ग और गृह मंत्रालय के अधीन कुछ केंद्रीय एजेंसियों ने हिंसा को बढ़ावा देने में भूमिका निभायी. उन्होंने सीमा सुरक्षा बल की भूमिका की जांच के आदेश दिये. मुख्यमंत्री ने कहा : मुझे ऐसी खबरें मिली हैं जिनमें मुर्शिदाबाद में अशांति के पीछे सीमा पार से आये तत्वों की भूमिका का दावा किया गया है. क्या सीमा की सुरक्षा में बीएसएफ की भूमिका नहीं है? बीएसएफ गृह मंत्रालय (एमएचए) के अधीन है. राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा नहीं करती है. केंद्र सरकार इसकी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती. उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव को बीएसएफ की भूमिका की जांच शुरू करने का निर्देश दिया.वक्फ कानून के खिलाफ इंडिया गठबंधन से एकजुट होने की अपील
तृणमूल सुप्रीमो ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों से भी वक्फ अधिनियम के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की अपील की.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

