संवाददाता, कोलकाता
मछली बंगालियों की प्रधान आहार है. इसलिए पड़ोस के दूसरे राज्य की तुलना में भी यहां मछली की मांग अधिक है. वहीं मछली उत्पादन के मामले में पश्चिम बंगाल देश में दूसरे स्थान पर है. वहीं अगले साल तक पश्चिम बंगाल प्रथम स्थान पर पहुंच सकता है. यह जानकारी विधानसभा में राज्य के मत्स्य पालन मंत्री बिप्लब राय चौधरी ने दी. उन्होंने सोमवार को सदन के प्रश्नकाल में बताया कि राज्य में प्रतिदिन पांच हजार 846 मीट्रिक टन मछली की मांग है. वहीं प्रतिदिन 6033 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन किया जाता है. उन्होंने सदन को बताया कि मछली उत्पादन मामले में पश्चिम बंगाल देश के अन्य राज्य से बेहतर स्थिति में है. इसलिए सरकार मछली की आयात नहीं करती है. पर निजी तौर व्यवसायी अन्य राज्य से मछली की आयात करते हैं. उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश, ओडिसा, गुजरात, तमिलनाडु और पंजाब से मछलियों की आयात की जाती है. जबकि, सरकारी तौर पर बंगाल से बिहार, झारखंड , असम व महाराष्ट्र को मछली निर्यात किया जाता है. मछलियों के अंडा उत्पादन के मामले में वित्त वर्ष 2023-24 में बंगाल देश में प्रथम स्थान पर था.मछली बेचने के लिए सुफल बांग्ला में 100 स्टॉल
मंत्री ने बताया कि सुफल बांग्ला में मछली बेचने के लिए और 100 स्टॉल लगाये जायेंगे. इससे मछली पालन करने वाले मछुआरे, कोऑपरेटिव सोसाइटी, फिश प्रोडक्शन ग्रुप से प्रस्ताव मांगे गये हैं. ताकि ताजी मछलियां को बेचने के लिए उन्हें स्टॉल उपलब्ध कराया जा सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

