गंगासागर तट की आज सफाई करेंगे मंत्री, मकर संक्रांति पर 1.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगायी डुबकी

Published by :Ashish Jha
Published at :16 Jan 2026 7:42 AM (IST)
विज्ञापन
गंगासागर तट की आज सफाई करेंगे मंत्री, मकर संक्रांति पर 1.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगायी डुबकी

गंगासागर तट पर पवित्र स्नान करते गोबर्धन पीठ पूरी के शंकराचार्य .

Bengal News: गंगासागर मेले के दौरान दिल का दौरा पड़ने से एक श्रद्धालु की मौत हो गयी. दोनों मृतकों के परिजनों को सरकारी बीमा योजना के तहत पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि दी जायेगी. वहीं, बुधवार तक कुल पांच बीमार श्रद्धालुओं को एयर लिफ्ट किया गया.

विज्ञापन

Bengal News: कोलकाता. मकर संक्रांति पर गंगासागर में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित किया. मान्यता है कि त्रेता युग में स्वर्ग से उतरी मां गंगा ने सागर तट स्थित कपिल मुनि के आश्रम के पास राजा सगर के भस्म हुए 60 हजार पुत्रों को इसी शुभ मुहूर्त में मोक्ष प्रदान किया था. तभी से गंगासागर स्नान की परंपरा चली आ रही है. इसी विश्वास के साथ देश-विदेश से श्रद्धालुओं का सैलाब गंगासागर पहुंचा. मंत्री अरूप विश्वास ने बताया कि गंगा घाटों की सफाई के लिए तीन हजार प्रहरी तैनात किये गये थे, जो दिन-रात विभिन्न घाटों की सफाई में लगे रहे. इसके बावजूद शुक्रवार को विशेष सफाई अभियान चलाया जायेगा. मंत्री और जिला प्रशासन की मौजूदगी में समुद्र तट नंबर 1 और 1ए की सफाई की जायेगी.

गंगासागर मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न

बंगाल सरकार की ओर से मंत्री अरूप विश्वास ने गंगासागर मेला कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एक से 15 जनवरी के बीच करीब एक करोड़ 30 लाख श्रद्धालुओं ने गंगासागर में पुण्य स्नान किया. इस वर्ष मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त 14 जनवरी दोपहर 1.19 बजे से 15 जनवरी गुरुवार अपराह्न 1.19 बजे तक रहा. मंत्री के अनुसार बुधवार अपराह्न तीन बजे तक 85 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे. यानी पिछले 24 घंटे में लगभग 45 लाख लोगों ने गंगासागर में आस्था की डुबकी लगायी. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी के कारण इस वर्ष भी गंगासागर मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.

3600 सरकारी और निजी बसों का परिचालन

गंगासागर मेले का शुभारंभ आठ जनवरी को हुआ था, जो 17 जनवरी तक चलेगा. हालांकि गुरुवार से भीड़ में कमी आयी है और हजारों श्रद्धालु स्नान के बाद अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य परिवहन विभाग की ओर से हावड़ा और बाबूघाट से लॉट आठ तक 3600 सरकारी और निजी बसों का परिचालन किया गया. कचुबेरिया से गंगासागर तक 300 बसें चलायी गयीं. मुड़ीगंगा नदी पार कराने के लिए 45 बार्ज, 13 वेसल और 120 लांच संचालित की गयीं. बीमार श्रद्धालुओं के लिए तीन वाटर एंबुलेंस और एक एयर एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गयी थी.

आपराधिक मामलों में अब तक 895 गिरफ्तार

मंत्री ने बताया कि मेले के दौरान अब तक 456 पॉकेटमारी की घटनाएं दर्ज की गयीं. इनमें से 438 मामलों में पुलिस ने चोरी गया सामान शिकायतकर्ताओं को लौटा दिया है. विभिन्न आपराधिक मामलों में अब तक 895 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गंगासागर मेले में 6632 श्रद्धालु अपने परिजनों से बिछड़ गये थे. पुलिस प्रशासन और एनजीओ की मदद से गुरुवार तक 6627 श्रद्धालुओं को उनके परिवार से मिलाया जा चुका है. गंगासागर मेले के दौरान दिल का दौरा पड़ने से एक श्रद्धालु की मौत हो गयी. मृतक की पहचान बिहार निवासी मृत्युंजय कुमार सिंह (61) के रूप में हुई है. मेले में अब तक दो श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. इससे पहले 14 जनवरी को असम के 51 वर्षीय पुलिसकर्मी की मृत्यु हुई थी. मंत्री ने बताया कि दोनों मृतकों के परिजनों को सरकारी बीमा योजना के तहत पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि दी जायेगी. वहीं, बुधवार तक कुल पांच बीमार श्रद्धालुओं को एयर लिफ्ट किया गया.

गंगासागर मेला के सम्मान में विशेष फिलैटेलिक कवर जारी

डाक विभाग ने गुरुवार को गंगासागर मेला के सम्मान में एक विशेष डाक टिकट संग्रह कवर (फिलैटेलिक कवर) जारी किया. एक बयान में यह जानकारी दी गयी. ‘गंगासागर मेला : परंपरा, भक्ति, भावना और आध्यात्मिक विश्वास का समागम’ शीर्षक वाले इस फिलैटेलिक कवर को कोलकाता के डाकघर (जीपीओ) में डाक सेवा के महानिदेशक जितेंद्र गुप्ता ने जारी किया. बयान में कहा गया कि कवर के प्रारूप में ‘महास्नान’ को दिखाया गया है. हुगली नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर बने कपिल मुनि मंदिर को भी दर्शाया गया है, जिससे गंगासागर मेले का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व परिलक्षित होता है. बयान के मुताबिक, यह खास कवर कोलकाता जीपीओ के फिलैटेलिक ब्यूरो में बिक्री के लिए उपलब्ध है.

Also Read: कोई चिता की आग के बगल में तो कोई सफेद बालू पर सोने को मजबूर, गंगासागर पर ऐसे गुजरी तीर्थयात्री की रात

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola